Saturday, 10 December 2022

राष्ट्रीय विधिक प्राधिकरण नई दिल्ली के अंतर्गत राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ के द्वारा संचालित जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जौनपुर में आज अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस पर एक संगोष्ठी का आयोजन जिला जज एमपी सिंह के निर्देशन और प्रभारी सचिव सिविल जज सीनियर डिविजन फिरोज अहमद के देखरेख में आयोजित किया गया प्रभारी सचिव द्वारा उसके महत्व और उपयोगिता पर विस्तृत रूप से प्रकाश डालते हुए संविधान प्रदत मूल अधिकारों के साथ कर्तव्य पर भी प्रकाश डाला गया ।

राष्ट्रीय विधिक प्राधिकरण नई दिल्ली के अंतर्गत राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ के द्वारा संचालित जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जौनपुर में आज अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस पर एक संगोष्ठी का आयोजन जिला जज एमपी सिंह के निर्देशन और प्रभारी सचिव सिविल जज सीनियर डिविजन फिरोज अहमद के देखरेख में आयोजित किया गया प्रभारी सचिव द्वारा उसके महत्व और उपयोगिता पर विस्तृत रूप से प्रकाश डालते हुए संविधान प्रदत मूल अधिकारों के साथ कर्तव्य पर भी प्रकाश डाला गया ।

पूर्व संधि करता  vartman मध्यस्थ दिलीप कुमार सिंह बताया कि जन्म से लेकर मृत्यु तक मानव जीवन के लिए प्राप्त अधिकारों को मूल अधिकार कहा  जाता है अनुच्छेद 32 और 226 तथा गोलकनाथ भारत और मेनका गांधी के उदाहरण से इस पर उन्होंने विस्तृत प्रकाश डाला मूल अधिकारों का किसी भी दशा में समापन या न्यूनीकरण नहीं किया जा सकता इसी क्रम में मनोज वर्मा रिटेनर फ्रंट ऑफिस के देवेंद्र यादव वरिष्ठ अधिवक्ता के द्वारा भी विस्तृत प्रकाश डाला गया इस अवसर पर वाद कारीगर पीएलवी प्राधिकरण के लिपिक रामजियावन सरोज सतीश कुमार बृजेश सुनील कुमार राजेश यादव राकेश यादव सहित महिलाएं एवं अन्य लोग उपस्थित रहे

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