*सड़क का नवीनीकरण करने की मांग हुई तेज*
*गडढा युक्त सड़क होने से बारिश में ग्रामीण होते हैं परेशान*
आलापुर अम्बेडकरनगर/विकास खण्ड रामनगर के अन्तर्गत ग्राम सभा अशरफाबाद में ग्रामीणों को बारिश के 4 महीने आवागमन में परेशानियों का सामना करना पड़ता है । क्योंकि इस गांव में पक्की सड़क की व्यवस्था है परन्तु जर्जर हालत में लोगों का कहना है कि कयी बार इस सड़क पर बाहन भी पलट चुके हैं लोग बाल बाल मरने से बचे हैं।कारण यह है कि सड़क के एक तरफ जहां गहरा तालाब है तो वहीं दूसरी तरफ तकरीबन दो फीट गहरे खेत हैं। ग्रामीणों ने बताया कि बच्चों को स्कूल भेजने में भी डर लगता है।
अहम बात यह है कि ग्राम सभा के प्रधान पति ने इसके बावत उपजिलाधिकारी आलापुर को लिखित सूचना भी दी गई परन्तु आज तक कोई अधिकारी देखने की भी जहमत नहीं उठाई।
जब गांव में शादी, विवाह का आयोजन होने पर ग्रामीण उस सड़क को अपने मेहनत से मिट्टी डालकर लकर सुगम बनाने का प्रयास करते हैं परन्तु बारिस में फिर वही हाल हो जाता है।
लेकिन बारिश में इस गांव में कोई भी व्यक्ति, स्कूली बच्चे आसानी से नहीं पहुंच पाता। प्रधान पति ने कई बार सड़क की नवीनीकरण करवाने के लिए आलापुर उपजिलाधिकारी, खण्ड विकास अधिकारी रामनगर को आवेदन दे चुके हैं, लेकिन जिम्मेदारों ने इस तरफ ध्यान देना जरूरी नहीं समझा। जबकि ग्राम सभा अशरफाबाद में घुसने मुख्य मार्ग भी यही है जो कि बारिश के समय में दलदल का रूप ले लेता है।
ग्रामीणों का कहना है कि नेता और मंत्री चुनाव के समय वोट मांगने के लिए बड़े-बड़े वादे करते हैं, लेकिन जीतने के बाद गांव की तरफ पीछे मुड़कर नहीं देखते। इसी का खामियाजा आज गांव अशरफाबाद के लोग भुगत रहे हैं।
_*बारिश में मरीजों की सबसे ज्यादा आफत*_
यदि बारिश के समय कोई बीमार हो जाए या फिर महिला की डिलीवरी होती है तो उसकी जान बचाना मुश्किल हो जाता है अब यह मुख्य मार्ग ग्रामीणों के लिए परेशानी का सड़क बनी हुई है।
क्योंकि पिछले दिनों हुई बारिश के समय कई बार ट्रैक्टर,धान कूटने की मशीन, स्कूली वाहन, मकान बनाने वाली लिफ्टिंग मशीन पलट चुकी हैं लोग बाल बाल अपनी जान बचाने में कामयाब हुए हैं। वारिस में दो पहिया वाहन चलाना तो दूर पैदल निकलना भी दूभर होने लगता है।
_बयान ग्रामीण व प्रधान पति_
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