पूर्ण स्वस्थ रहने के कुछ भयंकर नियम- डॉ दिलीप कुमार सिंह मौसम विज्ञानी ज्योतिष शिरोमणि (व्यंग्य रचना)
अगर आप चाहते हैं की पूरी तरह स्वस्थ रहें तो घर का बना भोजन तत्काल छोड़कर होटल और धामू में खाना शुरू करो और गंदी नाली के ऊपर खड़े होकर समोसा छोला टिकिया और नकली ब्रेड बटर मक्खन खाना शुरू कर दो और भी स्वस्थ रहना है तो अपनी पत्नी को छोड़कर बाजारू औरतों का सेवन करना शुरू कर दो और भी स्वस्थ रहना है तो सदाचार छोड़कर छिनरपन करो
और भी स्वस्थ रहना है तो सड़े गले ब्रेड पाव रोटी बिस्किट नकली मक्खन लगाकर खाओ और चाऊमीन बर्गर हैम बर्गर कुरकुरे धकाधक चटपटे पटापट वडा पाव तीखी और मसालेदार चीजों का सेवन करना शुरू करो और मैगी रोज बनाकर खाओ और भी स्वस्थ रहना हो तो शराब सिगरेट बीड़ी सुरती अफीम गांजा भांग एलसीडी और नशीली चीजों का सेवन करना शुरू कर दो। बाहर जीव देखने के लिए घर में बने भोजन में हजार कमी दिखाते रहो। और आधुनिक जमाना है तो एक पटिया एक पत्नी की जगह कपड़े की तरह पति-पत्नी बदलते रहो बाकी टाइल्स और नील धर्म फ्रिज और बड़े-बड़े बोर तो हैं ही काम आ जाएंगे ।
और भी स्वस्थ रहना है तो हमारे देश में आविष्कार किए गए चना गुड़ हलवा पुरी सुखी और हरी सब्जियां दाल खूब पकाकर बनाया गया चावल और रोटी इत्यादि छोड़कर गंदे तेल और सारे गाने मसाले से बने हुए बाहरी चटपटी चीजों का सेवन करो और पूर्ण स्वस्थ रहना है तो आयुर्वेद और देश की जड़ी बूटियां को छोड़कर एलोपैथी पूरी तरह अपना लो। जिस घर भी आसानी से परेशान होने वाले बच्चे पेट चीर कर अस्पताल में पैदा हो पैदल चलना तो बिलकुल छोड़ दो मूत्र त्याग भी करना है तो मोटरसाइकिल से जाओ।
पेड़ की दातुन छोड़कर टूथब्रश और मंजन अपना लो और सुबह-शाम समय से भोजन की जगह आधी रात को बिना समय के भोजन करना शुरू करो 8:00 बजे के बाद उठना शुरू करो और घर में दादी नानी मां की कहानी सुनना छोड़कर मोबाइल में धुआंधार सिर खपाते रहो फिर देख लो यमराज भी तुम्हारे पास नहीं आएगा रोग बीमारी की तो बात ही छोड़ दो।
एक बात और कहना चाहेंगे मानसिक रूप से स्वस्थ रहना है तो अपने सुंदर और प्यार भरे कजरी चैता होली दिवाली दशहरा रक्षाबंधन के गीत सुंदर कविताएं और हमारे पूर्वज जैसी रचनाएं पढ़ने छोड़कर गंदे भद्दे अश्लील मैथुनी भोजपुरी गाने विशेष कर मनोज तिवारी निरहुआ पवन सिंह हनी आम्रपाली बालेश्वर त्यागी निरहुआ से उच्च कोटि की महिलाओं और पुरुषों के गाने सुनो और पुणे सांसद विधायक बनकर बैकुंठ धाम चले जाओ यदि तुमने यह सुना की तुम सन्ग जनम जनम के फेरे तो नर्क में जाओगे और अगर यह सुना की झलक दिखलाओ एक बार आओ उसके बाद भाग जाओ तो आपको स्वर्ग से विमान सीधे बैकुंठ के ऊपर ले जाएगा आदमी का कोई भरोसा ना दोस्ती का कोई ठिकाना वफा का बदला है बेवफाई अजब जमाना है यह जमाना।
धार्मिक यात्रा और तीर्थ व्रत में भी जाकर रंगरेलियां मानो और केदारनाथ और नेपाल जैसे भयंकर प्रलय का सामना करो घर के लोगों को देखकर कर खाओ और बाहर के लोगों से हंस मुस्करा कर बात करो क्योंकि संकट के समय बाहरी लोग ही काम आते हैं पड़ोसी और सगे संबंधी लोगों से दूर-दूर रहो और सोशल मीडिया पर लाखों अनुचर अंग्रेजी में फॉलोअर बना लो क्योंकि विवाह करने करनी और हर संकट में वही हजारों की संख्या में आकर आपका उद्धार कर देंगे ।
और अंत में अभी तो यह अंगड़ाई है
आगे और लड़ाई है
कलयुग है कलयुग की छाया और तमराज किलविश के प्रभाव को देखते हुए विश्व कवि गोस्वामी तुलसीदास जी ने बहुत पहले ही कह दिया था-** जो नहीं देखा नहीं सुना जो मनहू समाय।
सो सब देखिए कलयुगहिं।
कुछ भी कहा न जाए
बिना पैसे के पूरी तरह स्वस्थ करने वाले हमारे पूर्वजों के नियम योग व्यायाम कसरत कुश्ती आइस्पाइस गुंटी कौडी जांता चक्की पीसना झाडू लगानाछोड़ दो और मॉर्निंग वॉक करना शुरू करो हाकी फुटबॉल बैडमिंटन टेनिस जैसे महंगे खेल खेलो जिससे बुढ़ापे में एक-एक अंग पर लगी हुई चोटें तुमको खूब आराम पहुंचाएं और सीधे बिना विमान के स्वर्ग ले जाएं - डॉ दिलीप कुमार सिंह मौसम विज्ञानी ज्योतिष शिरोमणि
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