प्रेस विज्ञप्ति
आज दिनांक 29/9/2026 को एक विधिक जागरूकता सहायता विशेष अभियान ** विद्यालयों के किशोरों को लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012 के विषय पर सरल और सही जानकारी देने के लिए** जनपद न्यायाधीश सुशील कुमार शशि के निर्देशन और प्रभारी सचिव अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रशांत कुमार सिंह की देखरेख में बी आर पी इंटर कॉलेज जौनपुर एवं मोहम्मद हसन इंटर कॉलेज जौनपुर में एक साथ आयोजित किया गया।
इस अवसर पर विशेष जागरूकता सहायता अभियान की अध्यक्षता करते हुए अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुरेंद्र प्रसाद यादव एवं उमेश कुमार ने कहा कि लैंगिक अपराध से बालकों के संरक्षण के लिए विशेष अधिनियम 2012 बनाया गया है प्रत्येक 18 वर्ष से कम बालक या बालिका को किसी भी प्रकार के यौन अपराध यौन आचरण या प्राकृतिक एवं अपराध से संरक्षण प्रदान किया गया है अज्ञानता के कारण कोई किशोर बालक और बालिका न कोई गंभीर अपराध करें न उसका शिकार बने उन्होंने बताया कि 18 वर्ष के नीचे के किशोर किशोरियों और बच्चों के प्रति किसी भी लैंगिक अपराध के लिए कठोर कानून है और इसमें पीड़ित प्रताड़ित के लिए विशेष सुविधा दिया गया है इन अपराधों की गंभीरता के आधार पर 3 वर्ष से लेकर आजीवन कारावास की सजा दी जाती है और विशेष परिस्थितियों में यह मृत्युदंड तक विस्तृत हो सकती है। और 7 वर्ष तक के बच्चों के लिए गवाही देने का विशेष प्रावधान किया गया है इसके अतिरिक्त 7 से 12 वर्ष की आयु के अपराधी किशोरों के लिए भी विशेष व्यवस्था की गई है और उनका परीक्षण किशोर न्याय बोर्ड में किया जाता है उन्होंने किशोर बालक बालिकाओं को विशेष रूप से सजग रहने और अपराधों के प्रति माता-पिता और घर वालों को तत्काल सूचना देने के बारे में अवगत कराया । उन्होंने आगे बताया की सही मामलों पर तत्काल ही प्राथमिक की लिखने में परहेज नहीं करना चाहिए लेकिन अनावश्यक और गलत मामलों में शत्रुता के कारण किसी को गलत फंसाना भी नहीं चाहिए। किशोर बालक बालिकाओं को अपने माता-पिता और घर परिवार से ऐसी कोई भी बात नहीं छुपाना चाहिए जो इससे संबंधित हो
इस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डिप्टी चीफ डिफेंस काउंसिल जनपद न्यायालय जौनपुर डॉ दिलीप कुमार सिंह एवं चीफ डिफेंस काउंसिल अनिल कुमार सिंह ने गलत और सही स्पर्श के बारे में बताते हुए हेल्पलाइन नंबर 1098 15100 112 नंबरों के बारे में बताएं और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा निशुल्क सहायता और विधिक पैरवी की सुविधाओं के बारे में बताया और सोशल मीडिया पर सावधान रहने और साइबर क्राइम से बचने के बारे में विस्तार से बताते हुए अकेले और अलग स्थान पर जाने और अपरिचित लोगों से बचने की सलाह दिया उन्होंने यौन उत्पीड़न यौन अपराध यौन शोषण और अश्लीलता और पोर्नोग्राफी के बारे में सरल भाषा में विस्तार से समझाया। उन्होंने यह भी कहा कि यह अधिनियम 18 वर्ष से कम आयु के लड़के लड़कियों दोनों पर लागू होता है और इसमें पुलिस सादे कपड़ों में जाकर घर पर पीड़ित बच्चों का बयान लेती है 7 वर्ष से नीचे के बालकों को अपराधिकृत के लिए कोई सजा नहीं दी जाती जबकि साथ से 12 वर्ष के बालकों का परीक्षण किशोर न्याय बोर्ड में होता है 12 वर्ष के ऊपर के बालकों का परीक्षण यह मन कर किया जाता है कि उनके अंदर सही और गलत समझने की क्षमता है
प्रधानाचार्य एवं नसीर अहमद ने बालिकाओं को उचित कानूनी और पुलिस की सहायता लेने और परिवार से कुछ छुपाने की सलाह देते हुए आभार व्यक्त किया और सम्मान चिन्ह अपर जिला जज सुरेंद्र प्रसाद यादव उमेश कुमार एवं डॉ दिलीप कुमार सिंह और अनिल कुमार सिंह कप्तान को दिया गया इस अवसर पर उपस्थित हाई स्कूल और इंटरमीडिएट की छात्राओं द्वारा विभिन्न प्रश्न पूछे गए और जानकारी ली गई जिसका निराकरण अपर जिला जज सुरेंद्र प्रसाद उमेश कुमार यादव और डिप्टी चीफ डिफेंस काउंसिल डॉक्टर दिलीप कुमार सिंह एवं अनिल कुमार सिंह के द्वारा किया गया।
इस अवसर पर प्राधिकरण के प्रकाश तिवारी असिस्टेंट लीगल एड डिफेंस काउंसिल अरविंद कुमार चौबे पैरा लीगल वालंटियर शिव शंकर सिंह सुनील कुमार गौतम अरुण कुमार सुनील कुमार सुभाष यादव समस्त विद्यालय परिवार के समस्त शिक्षकगण और बड़ी संख्या में छात्र छात्राएं उपस्थित रही।
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