आज एक गांव वालों को दिग्भ्रमित कर रहे कर्मकांडी से मेरी मुठभेड़ हो गई कर्मकांडी समझा रहा था कि उदया तिथि के अनुसार अष्टमी 19 को पड़ेगी इसलिए नवमी 20 को मना कर उचित ढंग से उसका पूजा पाठ करना चाहिए मैंने उससे पूछा कि चलो ठीक है यदि 19 को उदया तिथि के अनुसार अष्टमी है तो 20 को उड़िया तिथि के अनुसार नवमी होगी और 21 को उदया तिथि के अनुसार दशमी होगी तब क्या आप नवरात्रि का पारण एकादशी में करोगे और नवरात्रि का पूजा पाठ एकादशी में करोगे
इस पर वह एकदम चुप हो गया यह इसीलिए लिखना पड़ रहा है कि यह ऐसे ही हम मूर्खता और पोंगा पंथी में पड़े रहेंगे तो सनातन धर्म और भारत देश का बचा हुआ भाग भी नष्ट और बर्बाद हो जाएगा और विधर्मी हो जाएगा मैंने पूरे गांव वालों के सामने और भी उससे कई प्रश्न पूछा और उसे समझाया जिसे उसके पास कोई उत्तर नहीं था मैंने कहा इतनी कड़ाई से पूजा पाठ बताने वाले यह बताओ कि अपने बच्चों को अंग्रेजी विद्यालय क्यों भेजते हो और उन्हें पिताजी माताजी चाचा चाची की जगह पापा मम्मी डैडी हाय हेलो क्यों रहते हो और यह भी पूछा कि बताओ कभी आपने इस बात पर विरोध किया कि लोग विवाह की जगह शादी कहते हैं और एक दो नहीं 99 % सनातनी हिंदू ऐसा करते हैं इस पर तुमने क्यों नहीं विरोध किया।
क्यों विवाह समारोह में तुमने जयमाल सेट और सिंहासन का विरोध नहीं किया क्यों तुमने कोट पैंट सूट बूट टाइ पहनकर विवाह कराया यह कि सनातन धर्म में लिखा हुआ है कि सनातन धर्म में लिखा है कि शराब पीकर नाचो और घर की मर्यादा और बंद सम्मान वाली महिलाओं को सड़क पर नंगा आधा नंगा नचवाओ क्या कभी तुमने इसका विरोध किया किस वेद और पुराण महाभारत और धार्मिक ग्रंथ में लिखा है कि विवाह रात्रि में होता है सारे विवाह दिन में होते हैं रात में राक्षसी और पिशाच बेला होती है जो विवाह टूटने और संतानों के रक्षा शैतान होने का मुख्य कारण है मैंने उससे अभी पूछा कि बताओ तुमने कभी पत्नी की जगह बीवी पति की जगह हस्बैंड विवाह की जगह शादी धन्यवाद की जगह शुक्रिया बधाई की जगह मुबारक जैसे चीजों का विरोध किया इस तरह बार-बार शुभ और मांगलिक चीजों पर भ्रम और संदेह क्यों फ्लेट हो मैंने यह भी कहा कि यह बताओ अगर कोई चीज गोल है तो उसमें दिशा कैसे हो सकती हैं और धरती भी गोल है।
मैंने कहा कभी तुमने आज तक सनातनी होने के कारण राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को आरएसएस लिखने से मना किया कभी बीजेपी को बीजेपी लिखने से मना किया या इसका विरोध किया इसका भी उसके पास कोई उत्तर नहीं था मैंने कहा कभी यह सोचा कि लोग इंडिया की जगह भारत बोलें इस तरह से अनगिनत चीज गांव वालों के सामने पूछने पर उसकी बोलती ही बंद हो गई मैंने कहा श्रद्धा विश्वास के साथ जो जैसा कर रहा है करने दो वरना बचा खुचा पूजा पाठ व्रत हवन यज्ञ अनुष्ठान सब समाप्त हो जाएगा मैंने यह भी समझाया कि गलत काम और दुराचार करने पर ब्राह्मण को 8 गुना क्षत्रिय को चार गुना दंड मिलता है तो समझ लो कि गलत काम करने का तुम्हें क्या फल मिलेगा इसलिए देशकाल स्थिति समझ कर ही काम करना चाहिए मैंने कहा कि कोई ऐसा कर्मकांडी पूजा पाठ करने वाला व्यक्ति खोज कर लाओ जो अपने बच्चों को अंग्रेजी स्कूल और अंग्रेजी भाषा की जगह संस्कृत पढता हो।
इस तरह अनगिनत बातें बताकर मैंने उसे समझाया यह सब समय ढोंग पाखंड और अंधविश्वास अविश्वास का नहीं है वैसे ही भी धार्मिक कांग्रेसी वामपंथी और विदेशी लोग सनातन धर्म और अखंड भारत को देश के सत्ता पक्ष और विपक्ष की सहायता से खंड-खंड कर रहे हैं और भारत उदय की जगह राइजिंग इंडिया चमकता भारत की जगह शाइनिंग इंडिया पढ़ेगा भारत की जगह पड़ेगा इंडिया जैसे शब्द करके देश बर्बाद कर रहे हैं इसलिए कृपा करके सब बातें छोड़ दो संपूर्ण सनातन धर्म में एकता लाओ राजनेता लोग तो खुद ही जहर घोल चुके हैं। और इन्होंने सनातन धर्म भारत को बेचकर बर्बाद कर दिया है समाज और धर्म को ही नहीं जाती और भाई-बहन पति-पत्नी को लड़ा कर दुराचार विचार को सही सिद्ध कर दिया है और ऐसा कानून भी बना दिया है कि हमारी आपकी बेटी बेटा 18 वर्ष का होकर चाहे जो करें हम कुछ नहीं कर सकते ।
मैंने उससे कहा कि पहले खुद अपने देश पर सनातन धर्म पर संस्कृति और सभ्यता पर प्रथम और परंपरा पर अखंड विश्वास करो मंत्र शक्ति जागृत करके दिखाओ केवल कहने से कोई नहीं मानता मानना भी नहीं चाहिए प्राचीन काल के ऋषि मुनि संत सन्यासी की तरह अद्भुत काम करके दिखाओ केवल कहने से कुछ होने वाला नहीं सनातन धर्म पूरी दुनिया में फैला कर दिखाओ भारत के कटे भाग अपने मंत्र शक्ति से या शक्ति से जोड़कर दिखाओ सब अपने आप मान जाएंगे । क्योंकि देश देश को आधी अधूरी खंड-खंड करके दिए गए आजादी के बाद लाल बहादुर शास्त्री जी योगी जी और कल्याण सिंह जैसे गिने-चुने कुछ लोगों को छोड़कर जितने भी नेता हुए सब ने मुसलमान और ईसाई धर्म को बढ़ाने और सनातन धर्म और अखंड भारत को तोड़ने के लिए काम किया और आज भी वही कर रहे हैं। खाने को सभी लोग लोह पुरुष आयरन लेडी हैं लेकिन 1 इंच जमीन आज तक वापस नहीं ले पाए
और जब विधर्मी शैतान हलाल करेंगे तो एक बार भी नहीं देखेंगे कि कौन ठाकुर है कौन ब्राह्मण कौन हरिजन कौन मौर्य है कौन धोबी है उनके लिए हम आप सब काफिर हैं सबको एक साथ हलाल कर देंगे कश्मीर सहित पाकिस्तान बांग्लादेश अफगानिस्तान की स्थितियां देख लो कि वहां क्या हो रहा है।
मैंने यह भी कहा कि क्या कभी आपने एक बार भी इस बात का विरोध किया कि धनतेरस भगवान धन्वंतरि के जयंती है जिसमें औषधि के वृक्ष और पौधे लगाने चाहिए ना कि सोना चांदी घोड़ा गाड़ी खरीदना चाहिए और परशुराम की जयंती अक्षय तृतीया को व्यापार का त्योहार घोषित करने का कभी विरोध किया जिनका जन्म ही बुराई और पाप को नाश करने के लिए हुआ था उन्हीं के जन्मदिन पर पाखंड फैला रहे हो।
इस तरह के अनगिनत तर्क से लज्जित होकर उसने क्षमा मांगी और आगे से सही काम करने का वचन दिया और सनातन धर्म और अखंड भारत की सेवा के लिए खुद को अर्पण करने का संकल्प लिया मैंने यह भी बताया कि पूजा पाठ कोई कभी भी कहीं भी कर सकता है नियम कानून केवल पंडित पुरोहित सन्यासी और संत महंत पुजारी के लिए लागू होता है सामान्य जनता के लिए नहीं लागू होता है
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