Tuesday, 6 October 2026

कल हुए चक्रवाती वर्षा का गहन विश्लेषण - डॉ दिलीप कुमार सिंह मौसम विज्ञानी ज्योतिष शिरोमणि एवं निदेशक अलका शिप्रा वैष्णवी ज्योतिष मौसम पूर्वानुमान और विज्ञान अनुसंधान केंद्र जौनपुर 7017713978

कल हुए चक्रवाती वर्षा का गहन विश्लेषण - डॉ दिलीप कुमार सिंह मौसम विज्ञानी ज्योतिष शिरोमणि एवं निदेशक अलका शिप्रा वैष्णवी ज्योतिष मौसम पूर्वानुमान और विज्ञान अनुसंधान केंद्र जौनपुर 7017713978 

कल जौनपुर और आसपास के जनपदों में सायंकाल 5:00 बजे से 7:00 बजे तक घनघोर वर्षा वज्रपात और विद्युत की चमक गरज झंझा झकोर घन गर्जन तड़ित और वारिदमाला के साथ हुई इसकी सूचना लगातार 2 दिन पहले से हमारा केंद्र दे रहा था और सबको सावधान कर रहा था और 90% लोगों ने इसका लाभ भी उठाया। 

 इस कालखंड में अनेक स्थानों पर ओलावृष्टि भी हुई इस बीच तेज तूफानी हवाएं चली जिनकी गति 40 से 65 किलोमीटर और कभी-कभी यह 70 किलोमीटर प्रति घंटा पहुंच गई थी और 4:30 प्रारंभ हुई आंधी से 5:00 इतना घना अंधेरा छा गया था कि लग रहा था रात के 10:00 बज गए हैं। 

इस 2 घंटे में हाहाकार करने वाली 50 से 60 मिली मीटर वर्षा हुई और वर्षा का वेग इतना तेज था की छत बहने लगे और सडके नदी बन गई एक घंटे सड़कों से पानी निकालने में लग गया पूरा नगर क्षेत्र भयंकर जाम में फंस गया और दीवानी से कोतवाली तक पहुंचने में 1 घंटे लग गए इसी बीच अमृत विकास योजना में बनी सड़कों पर अनेक लोग गिरकर दोबारा स्नान करके लौटे।

 इस कालखंड में कई पेड़ पौधे भी टूट कर गिर गए इस वर्षा का कारण अचानक उत्पन्न हुआ जो प्रशांत महासागर के दो महा चक्रवात अर्थात सुपर साइक्लोन और अटलांटिक महासागर के एक महा चक्रवात के बीच बने हुए भंवर का परिणाम है जो दुनिया के अनेक स्थानों में बना रहे हैं इस सुपर साइक्लोन में हवाओं की गति 200 से 300 किलोमीटर प्रति घंटा है हमारे केंद्र के द्वारा अक्टूबर महीने में दो बार चक्रवार्ती तूफान और वर्षा की भविष्यवाणी विक्षोभ संघनन और वाष्पन तथा स्थानीय सर्दी गर्मी के असर की गई थी वह पूरी पूरी सही उतरी पहले से सावधान और तैयार लोगों को इस भविष्यवाणी से 90 से 99 प्रतिशत सुरक्षा और राहत मिली 

अभी कल हुई वर्षा आज और कल  तक चलेगी लेकिन यह वर्षा तूफानी या आंधी चक्रवात वाली न होकर सामान्य वर्षा होगी और हल्की मध्यम वर्षा रहेगी इसके बाद अक्टूबर के अंतिम सप्ताह या इसके आसपास एक और वर्षा होने की संभावना है इस वर्ष से पेड़ पौधों के साथ धान की फसलों का भी बहुत नुकसान हुआ है विशेष कर जिंधनों में बालियां आ गई थी वह पूरी तरह गिर चुके हैं प्रकृति का उग्र और तांडव वाला दृश्य अभी लगातार बढ़ता रहेगा और जाड़े में हर रौद्र रूप धारण करके जाड़े को चरम शिखर पर पहुंचा देगा याद रहे कि हमारे केंद्र के द्वारा सितंबर के अंतिम भाग में ठंड की भविष्यवाणी एक एक अक्षर सही उतरी है और 23 सितंबर से ठंड का मौसम लगातार जारी है और यह 15 सितंबर 2027 तक चलेगा क्योंकि जब भी ज्यादा पितृपक्ष के साथ भादो के कोख से उत्पन्न होता है तो वह बहुत ही लंबा बहुत भयानक और बहुत ही चरम शिखर तक जाने वाला होता है और 40 वर्ष बाद ऐसा हुआ है

जौनपुर जनपद में वर्षा के प्रामाणिक आंकड़े भी आपको इसी समय बता दे रहे हैं जौनपुर जनपद में पहले 1000 मिलीलीटर से अधिक वर्षा होती थी पिछले कई वर्ष से यह 900 से 1000 मिली लीटर वर्षा हो रही है जाड़े में जौनपुर जनपद में 700 से 8 मिली लीटर वर्षा होती है और 200 मिली मीटर वर्षा बाकी 8 महीने में होती है इस बार 4 महीने वर्षा काल में कुल 605 मिमी वर्षा हुई है और 200 मिली मीटर वर्सेस के पूर्व हो चुकी है इस प्रकार कल वर्षा 805 मिनी हो गई है औसत वर्षा में लगभग 200 मिलीमीटर की कमी है और ऐसा अनुमान है कि अभी 50 मिलीमीटर वर्षा बचे 4 महीना में होगी इस वर्ष सितंबर में 300 मिली मीटर वर्षा और अगस्त में 200 मिमी वर्षा जून और जुलाई में 100 मिली मीटर वर्षा हुई है और अक्टूबर के प्रथम सप्ताह में 50 मिली मीटर से अधिक वर्षा हो चुकी है यह वर्ष का बिल्कुल प्रामाणिक और सही आंकड़ा है बाकी सारे लोग अनुमानित आंकड़े इधर-उधर करके दे रहे हैं

भारत के अलावा दुनिया की भविष्यवाणी के बारे में भी बताना चाहता हूं कि दुनिया में तीन शक्तिशाली चक्रवात 1 से 10 अक्टूबर के बीच उत्पन्न होंगे जिसमें से एक बहुत ही शक्तिशाली जापान के दक्षिण पूर्व समुद्र में होगा सभी चक्रवात अधिकतर समुद्र में होंगे इसलिए विनाश लीला 95 प्रतिशत समुद्र में ही रहेगी जहां तक भारत की बात है तो यहां अक्टूबर नवंबर और दिसंबर में बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में दो शक्तिशाली चक्रवात उत्पन्न होने और तटीय भागों में घनघोर वर्षा चलने की प्रबल संभावना दिख रही है यह बातें में तब लिख रहा हूं जब बड़े-बड़े वैज्ञानिक सुपर कंप्यूटर और उपग्रह के आंकड़ों के बाद भी कुछ नहीं बता पा रहे हैं  1 अक्टूबर के बाद आज फिर से 7 अक्टूबर को यह सब बातें बार-बार दोहरा रहा हूं जिससे लोग सावधान रहे सुरक्षित रहें दो मध्य भूकंप और कई हल्के भूकंप भारत में आएंगे जो चार से 6 के बीच में होंगे जबकि दक्षिण पूर्वी एशिया ईरान अब क्षेत्र अमेरिका और चीन के हिमालय क्षेत्र में दो शक्तिशाली भूकंप भी आ सकते हैं जिनकी तीव्रता डायरेक्टर पर 6 से 8 होगी एक सुनामी लहर भी आएगी

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