Friday, 9 October 2026

आज पितृ विसर्जन के परम पवित्र अवसर पर पत्नी श्रीमती पद्मा सिंह के साथ अपने पूज्य पितरों जिनकी वजह से आज हम जीवित हैं को विधि विधान से उनको उन्हीं की कृपा से चावल खीर फल मिठाई पुष्प जल और दुग्ध घी और गुड़ के साथ अग्नि में हवन करने के साथ अर्पित किया गया

आज पितृ विसर्जन के परम पवित्र अवसर पर पत्नी श्रीमती पद्मा सिंह के साथ अपने पूज्य पितरों जिनकी वजह से आज हम जीवित हैं को विधि विधान से उनको उन्हीं की कृपा से चावल खीर फल मिठाई पुष्प जल और दुग्ध घी और गुड़ के साथ अग्नि में हवन करने के साथ अर्पित किया गया


उनसे प्रार्थना की गई कि हमें अपना मार्गदर्शन दृश्य अदृश्य रूप में देते हुए सद्बुद्धि दे सन्मार्ग पर प्रेषित करें हमारी पीढ़ियां अनंत काल तक चलती रहे और हम भी जीवन पर्यंत पिंडदान तर्पण करते रहें साथ ही साथ हमें स्वस्थ देशभक्त और सनातन भक्त रहने का आशीर्वाद भी दिन और अक्षय यश कीर्ति भी प्रदान करें

 और कुत्ता कौवा चींटी और गाय को भी समस्त उपर्युक्त चीजे अर्पित की गई और अपने मातृकुल पितृ कुल के अलावा अपने सभी सगे संबंधी मित्रागढण परिचित लोगों और अखंड भारत तथा सनातन धर्म की रक्षा के लिए स्वयं को अर्पित करने वाले समस्त पितरों को भी उपर्युक्त वस्तुएं अर्पित करके उनसे प्रार्थना किया गया कि सूक्ष्म ऊर्जा के रूप में निकलने वाले इस सामग्री को धुएं और अग्नि के रूप में स्वीकार करें


 क्योंकि पितरों की कृपा से ही वर्तमान पीढ़ी है और उन्हीं के अखंड प्रताप और कल्पना से परे बलिदान के कारण आज भी सनातन धर्म और भारत देश बचा हुआ है  श्रीमती पद्मा म सिंह डॉ दिलीप कुमार सिंह

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