आज पितृ विसर्जन के परम पवित्र अवसर पर पत्नी श्रीमती पद्मा सिंह के साथ अपने पूज्य पितरों जिनकी वजह से आज हम जीवित हैं को विधि विधान से उनको उन्हीं की कृपा से चावल खीर फल मिठाई पुष्प जल और दुग्ध घी और गुड़ के साथ अग्नि में हवन करने के साथ अर्पित किया गया
उनसे प्रार्थना की गई कि हमें अपना मार्गदर्शन दृश्य अदृश्य रूप में देते हुए सद्बुद्धि दे सन्मार्ग पर प्रेषित करें हमारी पीढ़ियां अनंत काल तक चलती रहे और हम भी जीवन पर्यंत पिंडदान तर्पण करते रहें साथ ही साथ हमें स्वस्थ देशभक्त और सनातन भक्त रहने का आशीर्वाद भी दिन और अक्षय यश कीर्ति भी प्रदान करें
और कुत्ता कौवा चींटी और गाय को भी समस्त उपर्युक्त चीजे अर्पित की गई और अपने मातृकुल पितृ कुल के अलावा अपने सभी सगे संबंधी मित्रागढण परिचित लोगों और अखंड भारत तथा सनातन धर्म की रक्षा के लिए स्वयं को अर्पित करने वाले समस्त पितरों को भी उपर्युक्त वस्तुएं अर्पित करके उनसे प्रार्थना किया गया कि सूक्ष्म ऊर्जा के रूप में निकलने वाले इस सामग्री को धुएं और अग्नि के रूप में स्वीकार करें
क्योंकि पितरों की कृपा से ही वर्तमान पीढ़ी है और उन्हीं के अखंड प्रताप और कल्पना से परे बलिदान के कारण आज भी सनातन धर्म और भारत देश बचा हुआ है श्रीमती पद्मा म सिंह डॉ दिलीप कुमार सिंह
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