इस बार सरकार और सरकार के पाले गए बुद्धिजीवी वामपंथी और कांग्रेसी और सनातन धर्म के द्रोही गद्दार बहुत उदास है क्योंकि ईश्वर ने अर्णव महाचक्रवात लाकर दिवाली और पराली पर उनकी जहरीली हवा और वायु प्रदूषण के कुचक्र को नाकाम कर दिया है और वह चुपचाप बैठ गए हैं
क्योंकि जो वायु प्रदूषण वर्षा और सूखा होने के कारण 400 से 500 के बीच रहा करता था वह लगातार 50 से 100 के बीच 2 महीनों चल रहा है और एक महीने तो लगातार सव0 से 50 के बीच रहा जौनपुर जैसे नगर और दिल्ली में भी यह 10 से 20 के बीच बना रहा और अब यह लोग टकटकी की लगाकर बैठे हैं कि कब यह 300 पार करें और हम लिखना शुरू कर दें की दिवाली में पटाखे और आतिशबाजी ना जलाएं वरना प्रदूषण और जहर फैलता है ।
यह सनातन हिंदू द्रोही गद्दार लोग जब ईद और बड़े दिन तथा क्रिसमस और नये ईसाई वर्षा पर भयंकर आतिशबाजी पूरी दुनिया और भारत में होती है तब चुप रहते हैं क्योंकि उसे समय आतिशबाजी और पटाखे की रोशनी में चारों ओर ऑक्सीजन पैदा होता है और अमृत की वर्षा होती है।
जन्मजात भारत और सनातन धर्म के यह विरोधी बकरीद पर भी पूरी तरह चुप रहते हैं जब पूरी दुनिया में अर्बन जानवर काटे जाते हैं और उनका खून सड़क से लेकर नदियों और झीलों में फैल जाता है और अपशिष्ट मल मूत्र चर्बी की दुर्गंध संपूर्ण वातावरण में जहर घोल देता है वही नया क्रिसमस इसी वर्ष यही लोग बढ़-चढ़कर मनाते हैं तब सरकार सरकारी तंत्र बुद्धिजीवी लोग वामपंथी कांग्रेसी और विपक्षी दलों के अनुसार क्रिसमस की आतिशबाजी और प्लास्टिक के बने पेड़ पौधे पूरी दुनिया को स्वच्छ ताजी हवा ऑक्सीजन और अमृत वर्षा से भर देते हैं। बचपन से ही बच्चों को झूठा सच सिखाया जाता है कि रात में सांता क्लास क्रिसमस पर बच्चों को मिठाइयां और खिलौने देकर चले जाते हैं यह काम सनातनी लोगों को दिवाली पर करना चाहिए और कहना चाहिए की रात में लक्ष्मी मां आप लोगों को मिठाई चॉकलेट खिलौने देकर गई हैं।
सचमुच कितने बड़े गद्दार देशद्रोही धर्मद्रोही और महानीच यह लोग हैं लेकिन दुनिया भर के 350 करोड़ सनातनी जिम हिंदू सिख जैन बहुत आदिवासी वनवासी गुफा वास समुद्र वासी और नास्तिक सम्मिलित हैं उनकी भयानक गद्दारी विश्वासघात सनातन और भारत के प्रति गहरी ईर्ष्या द्वेष जलन को समझ चुके हैं और उनके बनाए गए जाल में फंसने वाले नहीं है सब लोग बढ़-चढ़कर दिवाली मनाएंगे और सारी दुनिया को जगमग कर देंगे - डॉ दिलीप कुमार सिंह मौसम विज्ञानी ज्योतिष शिरोमणि एवं निदेशक