Wednesday, 4 November 2026

दीपावली महापर्व पर ही प्रदूषण और जहरीली हवा का रोना क्यों - डॉ दिलीप कुमार सिंह मौसम विज्ञानी ज्योतिष शिरोमणि

दीपावली महापर्व पर ही प्रदूषण और जहरीली हवा का रोना क्यों - डॉ दिलीप कुमार सिंह मौसम विज्ञानी ज्योतिष शिरोमणि

दीपावली का महापर्व अंधकार पर प्रकाश की असत्य पर सत्य की अज्ञान पर ज्ञान की जीत का महापर्व है यह खुशियों का मिष्ठान का और व्यंजन का भी महापर्व है और यह प्राचीन भारत के चार महान पर्वों दीपावली दशहरा होली और रक्षाबंधन में से एक है भारत के अन्य बड़े त्यौहार वर्तमान में नवरात्रि छठ का महापर्व और कुछ अन्य पर्व भी आते हैं मैं जन्म से लेकर आज तक देख रहा हूं और 50 वर्षों का तो मुझे एक-एक महापर्व याद है कि कैसे दीपावली के नजदीक आते हैं देश की सरकार देश के सभी तंत्र बुद्धिजीवी वर्ग में से कुछ चुने लोग कांग्रेस और वामपंथी तथा विपक्षी दल पता नहीं किस प्रभाव के अंतर्गत दीपावली के एक सप्ताह पहले से लगातार जहरीली हवा और प्रदूषण पर लंबे चौड़े बयान देते हैं और टेलीविजन रेडियो समाचार पत्र सोशल मीडिया पर आतिशबाजी पटाखे को इसका कारण बताते हुए दीपावली को बर्बाद करने का पूरा प्रयास करते हैं इसी तरह हर एक सनातनी धर्म के त्यौहार पर यह बयानबाजी शुरू होती है चाहे रंग और पानी की बर्बादी का होली हो या विजयादशमी हो या कोई अन्य महापर्व है यह अत्यंत गंभीर और घातक प्रवृत्ति है
[11/3, 12:29 PM] Dr  Dileep Kumar singh: 
जब भी प्रकाश का महापर्व दीपावली आता है तो उस समय संपूर्ण भारत में तुलनात्मक रूप से वायु गुणवत्ता सूचकांक अधिक हो जाता है और प्रदूषण भी अधिक होता है और स्वाभाविक रूप से थोड़ी बहुत हवा भी जहरीली हो जाती है क्योंकि वर्षा काल समाप्त हो जाने पर शुष्क वातावरण में वर्षा से जमीन और जल में घुलकर प्रदूषण और जहर नीचे आ जाता है जो जमीन पर आ जाती है और जहरीले तत्व भी वर्षा के साथ घुलकर नदियों और अन्य जल स्थानों में चले जाते हैं जबकि वर्षा के काल में लगातार वर्षा और तेज हवा के कारण आसमान स्वच्छ और पारदर्शी हो जाता है इसलिए हवा भी बहुत सुंदर स्वच्छ और ताजी हो जाती है और धरती से बादलों के बीच उपस्थित सारा जहरीला तत्व समाप्त हो जाता है और यही 8 किलोमीटर की ऊंचाई का समताप मंडल होता है जहां तक गैस धूल के कण जहरीली गैस है और अन्य प्रदूषण तत्व विद्यमान होते हैं इसलिए जो वायु गुणवत्ता सूचकांक मई जून में 400 से 600 के बीच होता है वही वायु गुणवत्ता सूचकांक जुलाई से अक्टूबर के बीच शून्य से 50 के बीच रहता है और 15 अक्टूबर के बाद यह तेजी से बढ़कर 200 से 400 के बीच पहुंच जाता है और इस बार तो आश्चर्यजनक रूप से जुलाई अगस्त सितंबर अक्टूबर 4 महीने जौनपुर जैसे नगर की वायु गुणवत्ता सूचकांक 10 से 50 के बीच रही और भारत के लगभग संपूर्ण क्षेत्रफल का यही हाल रहा और मजे की बात यह है कि इस समय ना कोई आतिशबाजी होती है ना पटाखे छोड़े जाते हैं ना ऐसी कोई अन्य गतिविधि होती है और इस कालखंड में पराली भी नहीं जलाई जाती है। 

लेकिन सब सत्ता पक्ष और विपक्ष के इशारे पर बुद्धिजीवी लोग और कांग्रेस तथा वामपंथी लोग विशेष करके इस गंदगी प्रदूषण और बढ़े हुए वायु गुणवत्ता सूचकांक और जहरीली हवा को बड़े आराम से दीपावली और पराली से जोड़ देते हैं जो पूरी तरह से गलत और नियम के विरुद्ध होता है क्योंकि यह समय ही ऐसा होता है जब 15 अक्टूबर से 15 दिसंबर के बीच संपूर्ण देश में प्रदूषण जहर फैल कर वायु गुणवत्ता सूचकांक को 300 से 600 के बीच ले जाता है ।

यहां इस संदर्भ में याद रखना आवश्यक है कि दीपावली मुख्य रूप से भारत में और गौण रूप से दुनिया के 10 15 देश में मनाई जाती है लेकिन ईद और नवरोज जैसे मुस्लिम पर्व में और क्रिसमस और नए अंग्रेजी वर्ष में जब संपूर्ण दुनिया में इससे सैकड़ो गुना अधिक पटाखे जलाए जाते हैं और आतिशबाजी होती है तब कोई भी सरकार सत्ता पक्ष या विपक्ष या बुद्धिजीवी वायु प्रदूषण की जहरीली हवा की अथवा जहर भारी गंदगी की बात नहीं करता है ना मीडिया और सोशल मीडिया में यह सब छापा जाता है जबकि यह सब त्यौहार पूरी दुनिया में मनाया जाते हैं इतना ही नहीं जब बकरीद के दिन भारत सहित सारी दुनिया में अर्बन गाय बैल ऊंट भेड़ _बकरी_ दुंबा काट दिए जाते हैं और सारी धरती खून से लथपथ हो जाती है और उसका मांस मजा और रुधिर चारों ओर सड़ने लगता है और वातावरण भयंकर दुर्गंध से भर जाता है और जल तथा नदियां इसके मल मूत्र और मांस मज्जा से गंदी हो जाती हैं तब सबका साहस जवाब दे जाता है और प्रिंट इलेक्ट्रानिक मीडिया और सोशल मीडिया भी डर के मारे चुप रहता है उन्हें यह लगता है कि क्रिसमस के प्लास्टिक के पेड़ प्रचुर मात्रा में ताजी हवा और ऑक्सीजन छोड़ते हैं और सारे जहर को सोख लेते हैं अब और इजराइल में तथा ईरान में रूस और यूक्रेन में जहां वर्षों से युद्ध चल रहा है सूचकांक 100 के ऊपर नहीं गया है जहां दिन रात हजारों टन बारूद बम गिर रहे हैं तो फिर एक दिन दिवाली के पटाखे और आतिशबाजी किस तरह प्रदूषण और जहरीली हवा के कारण हो सकते हैं यह समझ के बाहर हैं 
। 
जबकि सत्ता पक्ष और विपक्ष और सभी सरकारी तंत्र वायु प्रदूषण जहर और जहरीली हवा तथा वायु गुणवत्ता सूचकांक के भयानक होने के असली कारण को दिवाली और पराली में छिपा ले जाते हैं जहरीली हवा और वायु गुणवत्ता सूचकांक के मुख्य कारणों में हर जनपद में दौड़ रहे करोड़ों वाहन पूरी दुनिया में दौड़ रहे अरबों खरबों वाहन रेडियो और मोबाइल तथा अन्य टावर से निकलने वाली जहरीली ध्वनि तरंगें और रेडिएशन भट्ठे और कल कारखानों से निकल रहे जहर सुनारी के काम में लगे तेजाब और अन्य जहरीले पदार्थ जहर से युक्त कृत्रिम खादों का पूरी दुनिया में भयानक प्रयोग साबुन डिटर्जेंट निरमा पाउडर जैसे भयानक प्रदूषण जहर फैलाने वाले तत्व युद्ध में प्रयोग किए जाने वाले अस्त्र-शस्त्र बम और प्रक्षेपास्त्र तथा रॉकेट और हवाई जहाज तथा जलयानों और रेलगाड़ियों से निकलने वाला जहरीला धुआं परमाणु परीक्षण से भयानक रेडियोएक्टिव प्रदूषण और उसके जहर का पूरी धरती पर फैल जाना और अन्य उत्सर्जन पेड़ पौधों का अंधाधुंध काटने से ऑक्सीजन का काम होना हरियाली को काम करके उसकी जगह सीमेंट और कंक्रीट की सात बढ़कर कंक्रीट के जंगल उग देना प्लास्टिक का भयानक प्रयोग जैसे कर्म को पूरी तरह नजर अंदाज किया जाता है आप सबको वह तथ्य याद होगा जब कोरोना के काल में 99% यातायात बंद हो गया था तब सारी धरती और भारत का प्रदूषण समाप्त हो गया था और आसमान स्वच्छ नीला पानी बिल्कुल स्वच्छ और पारदर्शी हो गया था हिमालय की बर्फ से ढकी चोटियां दूर-दूर दिखाई देती थी और रात में आसमान के चमकदार तारे बहुत दिनों बाद दिखाई पड़ने लगे थे। 

लेकिन कोरोना भी इतने के साथ-साथ यह सब फिर पहले जैसा हो गया कुछ दिन तक सरकारी तंत्र के द्वारा साइकिल पर चलने की नौटंकी की गई कुछ दिन दिल्ली में प्रथम द्वितीय तृतीय चरण का नाटक किया गया लेकिन इससे क्या होता है यदि 2 किलोमीटर तक भारत में सबको पैदल चलकर काम करना 10 किलोमीटर तक साइकिल पर काम करना जनता अधिकारी राजनेता के लिए अनिवार्य कर दिया जाए तो 90% प्रदूषण और जहर अपने आप घट जाएगा लेकिन जो लोग मूत्र त्याग करने तक बाइक से जाते हैं वही बुद्धिजीवी बनाकर सबको वायु प्रदूषण पर शिक्षा देते हैं जितने भी काम मानवता और मानव सभ्यता कर रही है वह सारे काम जहर को बढ़ाने वाले हैं प्रदूषण को जहर बनाकर बढ़ाने वाले और वायु गुणवत्ता सूचकांक को 1000 तक ले जाने वाले हैं इन सब पर ध्यान न देते हुए केवल सनातन धर्म के दिवाली और पराली होली दशहरा को प्रदूषण का कारक बताकर उस पर रोक लगाना न केवल हास्यास्पद है बल्कि धर्म पर सीधा आघात और कानून व्यवस्था के लिए बहुत बड़ी चुनौती भी है और धर्म विशेष के लिए उसका दुरुपयोग करना एक गंभीर प्रश्न चिन्ह है

पर्वों का समूह ‌ प्रकाश का महापर्व दीपावली- डॉ दिलीप कुमार सिंह मौसम विज्ञानी ज्योतिष शिरोमणि दीपावली और अन्य महान पर्व

पर्वों का समूह ‌ प्रकाश का महापर्व दीपावली- डॉ दिलीप कुमार सिंह मौसम विज्ञानी ज्योतिष शिरोमणि 
दीपावली और अन्य महान पर्व

भारत देश पर्व उत्सव व्रत अनुष्ठान और यज्ञ हवन का देश है यहां पर हर एक उत्सव और महापर्व और व्रत प्रकृति पर्यावरण एवं मानवता के कल्याण से जुड़ा होता है भारत में विजयादशमी या दशहरा रक्षाबंधन दीपावली और होली चार सबसे बड़े महान पर्व होते हैं इसमें भी विजयादशमी या दशहरा क्षत्रियों का पर्व माना जाता है अर्थात देश की सुरक्षा रहेगी तभी देश आगे बढ़ेगा रक्षाबंधन ब्राह्मणों का पर्व माना जाता है जिसका अर्थ है यदि देश में बुद्धि और विज्ञान टेक्नोलॉजी का ज्ञान रहेगा तब देश तरक्की करेगा दीपावली महापर्व को वैश्यों का अर्थात व्यापारियों का महापर्व माना जाता है जब देश धन-धान्य से भरा रहेगा तभी देश खुशहाल होगा और सोने की चिड़िया बनेगा और होली को शूद्रों का महापर्व माना जाता है अर्थात जब देश सुरक्षित रहेगा धन-धान्य से भरा रहेगा कृषि बागवानी से फल फूल सब्जियां अनाज देश में भारी रहेंगे तभी देश समृद्ध होगा

पर्व और त्योहारों का वर्गीकरण

 ध्यान देने वाली बात है कि एक ही व्यक्ति के अंदर ब्राह्मण क्षत्रिय वैश्य और शूद्र विद्यमान रहता है जब वह ज्ञान शास्त्रों का अर्जन करता है तो ब्राह्मण शस्त्रों का अध्ययन करता है तो क्षत्रिय व्यापार का कार्य करता है तो वैश्य और सेवा का काम करता है तो शूद्र कहा जाता है ‌ इसीलिए भारत में चारों महान पर्व सबके साथ समान भाव से खुशी और आनंद से मनाया जाता है और सबसे अधिक उत्साह उमंग से होली का त्यौहार मनाया जाता है जो भारत की अखंडता एकता का प्रतीक है। और यह सबसे आनंद का पर्व शूद्रों का माना जाता है विज्ञान टेक्नोलॉजी और ज्ञान का प्रवाह उच्च शिखर पर होगा तभी लोग आमोद प्रमोद और खुशहाली में बसंत ऋतु में होली का महापर्व मना सकेंगे इसका यही वैज्ञानिक और धार्मिक अर्थ है ‌ सभी व्रत पर्व उत्सव यज्ञ अनुष्ठान हवन का एक ही लक्ष्य है अंधकार से प्रकाश अज्ञान से ज्ञान और धर्म से धर्म की ओर ले जाना जो भारतीय संस्कृति सभ्यता और सनातन धर्म की चरम उपलब्धि है।

दीपावली एक संकुल महापर्व

 
दीपावली को संकुल महापर्व इसलिए माना जाता है कि इस महान पर्व में पांच बड़े-बड़े त्यौहार शामिल हैं सबसे पहले धनतेरस या धन्वंतरि पूजा आता है जिसमें बैद्यनाथ धन्वंतरि की पूजा होती है और औषधि का एक पौधा हर व्यक्ति को लगाने का नियम है इसको खरीदारी से जबरदस्ती जोड़ा गया है इसके बाद छोटी दिवाली या नरक चतुर्दशी की तिथि आती है इसी दिन भगवान श्री कृष्ण नरकासुर को मार कर उसके कैद से 1600 को मुक्त कराया था इसके बाद बड़ी दीपावली अर्थात लक्ष्मी पूजा का मुख्य पर्व आता है तत्पश्चात गोवर्धन पूजा या अन्नकूट पूजा का महापर्व आता है इसी महान पर्व के दिन भगवान श्री कृष्णा दुराचारी इंद्र का गर्व खर्व करके अन्य पूजा और गोवर्धन पूजा का नियम बनाया था और सबसे अंत में भैया दूज या यमद्वितीया का महापर्व आता है जो भाई बहन का पवित्र त्योहार माना जाता है । इन पांच पर्व को मिलाकर दीपावली का महान संकुल पर्व बन जाता है इसी प्रकार नवरात्रि का महापर्व भी एक संकुल महापर्व माना जाता है।

इस वर्ष कब पड़ रहे हैं दीपावली के सभी महापर्व

धनतेरस या धन्वंतरि जयंती

इस वर्ष ‌ धन्वंतरि पूजा या धनतेरस का महापर्व 6 नवंबर को मनाया जाएगा क्योंकि त्रयोदशी की तिथि इसी दिन है इसलिए ‌ धनवंतरी पूजा ‌ का शुद्ध समय सायं काल 6ं02 से सायंकाल 7ं57 तक है। यह बिल्कुल स्पष्ट रूप से बता देना चाहता हूं कि धन्वंतरि पूजा यह धनतेरस विशुद्ध रूप से स्वस्थ और दीर्घायु अर्थात चिकित्सा का महापर्व है इसका किसी भी खरीदारी से कोई संबंध नहीं है और ना 1763 के पहले कहीं पर किसी भी वेद पुराण धर्म ग्रंथो में खरीदारी का वर्णन है और ना किसी राजा महाराजा ने इस दिन खरीदारी किया था । इसी दिन दक्षिण दिशा में सरसों के तेल का दीपक जलाकर यमराज की पूजा करने से अकाल मृत्यु का भय समाप्त हो जाता है। खरीदारी का महापर्व व्यापारी लोगों ने धर्म के कुछ लोबिया आचार्य और ज्योतिषी तथा पंडितों से मिलकर प्रचलित किया है अगर खरीदारी करना ही है तो इस दिन औषधीय गुण वाले पेड़ पौधों को खरीद कर अपने घर लगायें तो जीवन भर स्वस्थ रहेंगे।

धन्वंतरी वैद्य हैं देवताओं के चिकित्सक हैं वह स्वस्थ और दीर्घायु के देवता हैं आयुर्वेद के प्रकांड पंडित ‌ हैं  वैद्यराज हैं ‌ समुद्र मंथन के दिन भगवान धन्वंतरि अमृत कलश को लेकर देवी लक्ष्मी के साथ प्रकट हुए थे और उन्होंने ही आयुर्वेद का ज्ञान समस्त विश्व में प्रसारित किया आज भी भारतीय आयुर्वेद चिकित्सा शास्त्र में उन्हीं की शपथ ली जाती है ‌ इस दिन खरीदारी का कारण व्यापारी लोगों और लोभी ज्योतिषी पंडितों की साथ गांठ है और कुछ नहीं है पूरे भारत में ऐसा कोई नहीं होगा जो धनतेरस को कुछ ना कुछ खरीदारी करता हो लेकिन कोई भी आज तक टाटा बिरला अंबानी नहीं बना;बन भी नहीं सकता है क्योंकि यह विशुद्ध रूप से स्वास्थ्य चिकित्सा और दीर्घायु का महापर्व है।

छोटी दीपावली या नरक चतुर्दशी

छोटी दीपावली या नरक चतुर्दशी इस वर्ष 7 और 8 नवंबर के दिन मनाई जाएगी और दोनों दिन मनाया जा सकता है क्योंकि 8 नवंबर को ही दीपावली भी मनाई जाएगी  इसके पीछे यह कहानी है कि नरकासुर नाम के सम्राट ने जो पृथ्वी का पुत्र था असम में अपना एकछत्र राज स्थापित करके 16000 रानियों को अपने यहां बंदी बना कर रखा था यह उनकी इच्छा के विरुद्ध था । वह खुद को अजर अमर मानता था और कोई उसे हरा नहीं पता था ।कालांतर में भगवान श्री कृष्ण ने नरकासुर का वध करके पृथ्वी को पाप मुक्त किया तभी से यह महापर्व मनाया जाता है इस दिन  सांय काल 5:13 से शाम को 6:25 तक बड़ा दीपक जलाने का शुभ समय है।

दीपावली या बड़ी दीपावली

बड़ी दीपावली या लक्ष्मी पूजा यह महान मुख्य पर्व है और भगवान श्री राम के रावण के वध करके अयोध्या आने के उपलक्ष में महान खुशी के रूप में अयोध्या के निवासी लोगों द्वारा मनाया गया था घर-घर में दीपक जले मिठाइयां बांटी गई थी तभी से यह महान पर्व चल रहा है ‌ एक और कथा के अनुसार देवी लक्ष्मी के समुद्र से उत्पन्न होने की खुशी में भी यह महापर्व मनाया जाता है दक्षिण भारत में नरसिंह अवतार लेकर ‌ भक्त प्रहलाद की रक्षा और उसके पिता की वध के साथ यह घटना जुड़ी है इसी दिन सिखों के गुरु हरगोबिंद सिंह और 22 राजाओं को कैद से मुक्ति मिली थी इसलिए भी प्रकाश पर्व मनाया जाता है। कार्तिक की अमावस्या की रात सबसे काली और भयानक होती है उसको अंधकार से प्रकाश में बदलने के लिए  भीयह पर्व मनाया जाता है और कार्तिक की पूर्णिमा सबसे उजली होती है इसीलिए उसे प्रकाश पर्व के रूप में मनाया जाता है दीपावली का महापर्व 8 नवंबर को रविवार के दिन है और लक्ष्मी पूजन का शुभ समय सहन कल 5:54 से रात में 7:50 तक है। 

गोवर्धन पूजा या अन्नकूट पूजा 

संकुल पर्व में अगला महान पर्व गोवर्धन पूजा या अन्नकूट पूजा है ।दुराचारी और निरंकुश इंद्र को पाठ पढ़ने के लिए भगवान श्री कृष्ण ने इंद्र की पूजा समाप्त करके गोवर्धन पहाड़ की पूजा करके उसी को अन्न समर्पित कराया इससे क्रोधित होकर इंद्र ने प्रलय काल के बादलों के साथ ब्रजमंडल में घनघोर वर्षा की और एक दिन में ही 2500 मिलीलीटर की वर्षा से सारा ब्रजमंडल डूबने लगा तब उन्होंने अपनी छोटी उंगली पर गोवर्धन पहाड़ को जड़ सहित उखाड़ लिया और 7 दिन तक भयंकर वृष्टि से बृजवासियों की रक्षा की और अंत में दुराचारी इंद्र परास्त हुआ और पैर पड़कर क्षमा याचना किया इस पर्व के दिन अन्न का ढेर अर्थात पहाड़ बनाकर उसे भगवान श्री कृष्ण और गोवर्धन को अर्पित किया जाता है इस वर्ष 22 अक्टूबर को सुबह 6ः40 से 8:50  तक गोवर्धन पूजा का महान पर्व है 
यम द्वितीया  या भैया दूज

संकुल महापर्व का अगला और अंतिम महापर्व भैया दूज या  यमद्वितीया का महापर्व है । इस वर्ष यह महान पर्व 11 नवंबर को दिन में 1ः10 से 3ः20  में मनाया जाएगा इसकी कहानी भाई बहन के अटूट और पवित्र प्रेम पर आधारित है सूर्य की पुत्री यमुना अपने भाई यमराज को हर वर्ष इस दिन बुलाकर उन्हें अच्छे-अच्छे व्यंजन खिला कर सत्कार करती थी बदले में यमराज प्रसन्न होकर उन्हें मनोवांछित वरदान देते थे कहा जाता है कि इस दिन अगर बहन पवित्र मन से भाई को तिलक लगाकर उसकी आरती करे तो उसकी अकाल मृत्यु नहीं होती है अर्थात सच्चे प्रेम से मृत्यु को भी जीता जा सकता है यह इसका संदेश है

 दीपावली में सबके लिए पूजा की सरल एवं संपूर्ण विधि - 

दीपावली की पूजा हमेशा स्थिर लग्न में प्रदोष काल और निशीथ बेला में किया जाता है। स्त्री लग्न में पूजा करने से देवी लक्ष्मी अधिक समय तक वहां पर निवास करती हैं अन्यथा देवी लक्ष्मी चंचल स्वभाव की होती हैं एक स्थान पर अधिक समय नहीं रह पाती हैं इस बार ‌ दीपावली पूजा का स्थिर लग्न ‌ साइन कल 7:08 से रात में 8:18 तक है जो कुल मिलाकर 1 घंटे 11 मिनट का समय है इसी समय में संपूर्ण पूजा पाठ आरती कर लेना चाहिए जिसकी विधि निम्नलिखित है । वैसे तो उदय तिथि के अनुसार दीपावली 8 नवंबर को मनाना चाहिए लेकिन श्री कृष्ण जन्माष्टमी और दीपावली दो ऐसे पर्व है जो स्थिर लग्न में ही मनाया जाते हैं इसमें उदया तिथि का अधिक महत्व नहीं होता है। 

सर्वप्रथम पूजा स्थल की साफ सफाई करके कच्ची जमीन है तो गाय के गोबर से लीपा जाना चाहिए यदि यह पक्का फर्श है तो उसको पानी से धोकर गंगाजल छिड़क लेना चाहिए। गंगाजल सभी वस्तुओं पर और अपने ऊपर भी और अगर अन्य लोग हैं तो सबके ऊपर छिड़क लेना चाहिए।इसके पश्चात एक चौकी पर लाल वस्त्र बिछाकर लक्ष्मी मां की स्थापना करें मूर्ति के बाईं ओर श्री हरि विष्णु और दाहिनी और गणेश जी को रखें साथ-साथ कुबेर देवता सरस्वती मां काली देवी की मूर्ति रखें अगर ना मिले तो मन ही मन उनका संकल्प करें।

 इसके पश्चात दीपक जलाकर ‌ सबसे पहले श्री हरि विष्णु माता लक्ष्मी गणेश जी का आवाहन करें इसके साथ-साथ धनराज कुबेर सरस्वती मां और काली देवी का भी आवाहन करें इसके पश्चात शुद्ध मन से #ओम केशवाय नमः ओम माधवाय नमः ओम नारायणय नमः #का मंत्र पढ़ने के बाद ओम महालक्ष्मी प्रसीद प्रसीद इति स्वाहा और गं गणपतए नमः ओम धनराजाय कुबेराय नमः का मंत्र पढ़े इतना सामान्य लोगों के लिए पर्याप्त है। इसके पश्चात धूप दीप फल मिठाई फूल सब कुछ उपर्युक्त देवी देवताओं को अर्पित करें और मिष्ठान और पकवान पर तुलसी का एक पत्ता अवश्य रखना चाहिए। मिष्ठान में बताशा और खील( धानका लावा)होना चाहिए। इसके पश्चात लक्ष्मी चालीसा या लक्ष्मी स्त्रोत करते हुए आरती करें और आरती करने के बाद सभी देवी देवताओं से यह प्रार्थना करें कि अगर पूजा में कोई भूल हो गए हो तो उसे क्षमा करें ।

यही सामान्य गृहस्थ और सामान्य लोगों के लिए संपूर्ण पूजा पाठ का विधान है अधिक जटिल और कर्मकांडी पूजा धर्म आचार्य और पंडा पुरोहित लोगों को ही करना चाहिए। इसके पश्चात सूप से दीपक जलाकर उसे धीरे-धीरे हवा देना चाहिए। यही संपूर्ण विधि विधान है और ऐसा बिना किसी तनाव और क्रोध के स्थिर चित्त करके करना चाहिए‌ ऐसा करने पर निश्चित रूप से महादेवी लक्ष्मी और अन्य सभी देवी देवताओं की कृपा प्राप्त होती हैं‌ इसके उपरांत भगवान शिव और मां पार्वती ब्रह्मदेव और सरस्वती मां की कृपा अपने आप प्राप्त हो जाती है क्योंकि तीनों ही महान देवता अंततः एक ही होते हैं।

राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ के निर्देश पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जौनपुर

राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ के निर्देश पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जौनपुर 

के तत्ववाधान में जनपद न्यायाधीश अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सुशील कुमार शशि के निर्देश पर आज सचिव पूर्णकालिक सिविल जज सीनियर डिवीजन सुशील कुमार सिंह के साथ डॉ दिलीप कुमार सिंह डिप्टी चीफ डिफेंस काउंसिल जनपद न्यायालय जौनपुर द्वारा जनपद कारागार जौनपुर का  निरीक्षण किया और बंदियों को उचित विधिक सहायता सेवा देने का उनके स्वास्थ्य भोजन और अन्य सुविधाओं का भी देखरेख और निरीक्षण किया और उन्हें माननीय सर्वोच्च न्यायालय और उच्च न्यायालय तथा केंद्र और राज्य सरकारों के द्वारा प्रदत्त सुविधाओं के बारे में अवगत कराया जिनके पास अधिवक्ता नहीं थे उनके लिए सरकारी खर्च पर अधिवक्ता की व्यवस्था किया गया  इस अवसर पर जेल अधीक्षक विनय कुमार त्रिवेदी जेलर नंदकिशोर गौतम और उनके सहायक और उनके सहायक कार्यालय के लोग शिक्षक एवं चिकित्सक तथा प्राधिकरण के सुनील कुमार मौर्य एवं अन्य लोग उपस्थित रहे

क्या जौनपुर और पूर्वांचल में भी महा चक्रवात मुरासु का असर होगा जैसा की तमाम चैनल और समाचार पत्र डरा रहे हैं

क्या जौनपुर और पूर्वांचल में भी महा चक्रवात मुरासु का असर होगा जैसा की तमाम चैनल और समाचार पत्र डरा रहे हैं 

हमारे केंद्र के द्वारा आज से 4 दिन पहले मुरासु नमक वहां चक्रवात के आने की भविष्यवाणी पूरी तरह सही हुई तीसरी श्रेणी के महा चक्रवात ने आंध्र उड़ीसा में भयंकर विनाश लीला मचा रखी है और हमारे केंद्र ने 110 से 120 किलोमीटर की भयानक गति का जो आकलन किया था वह पूरी तरह सही हुआ इसका असर संपूर्ण दक्षिण भारत मुंबई और मध्य प्रदेश और थोड़ा बहुत असर बिहार उत्तर प्रदेश में भी रहेगा यह भविष्यवाणी भी सही हो रही है मुरसों में भयानक घन गर्जन और तेज आवाज ऐसा लगता है जैसे युद्ध का नगाड़ा बज रहा हो मुराशु शब्द का अर्थ ही युद्ध का नगाड़ा होता है यदि आपने इस चक्रवात को कभी देखा है तो चक्रवात आने के घंटे पहले ऐसा लगता है कि जैसे बहुत दूर से कोई युद्ध का नगाड़ा बजाता हुआ चला आ रहा है यदि आपने इस चक्रवात को कभी देखा है तो चक्रवात आने के घंटे पहले ऐसा लगता है कि जैसे बहुत दूर से कोई युद्ध का नगाड़ा बजता हुआ चला आ रहा है

जहां तक जौनपुर और पूर्वांचल की बात है तो इस महा चक्रवात का असर नाम मात्र का होगा तमाम टीवी और चैनल तथा समाचार पत्र व्यर्थ में आंधी तूफान बिजली बाजार पाठ की घोषणा करके डरा रहे हैं ऐसा कुछ नहीं होने वाला है इस माह चक्रवात का मुख्य स और केरल कर्नाटक तमिलनाडु उड़ीसा आंध्र तेलंगाना पांडिचेरी अंडमान निकोबार और हल्का प्रभाव पूर्वोत्तर भारत महाराष्ट्र पूर्वी मध्य प्रदेश झारखंड में पड़ेगा बाकी जगह पर इसका प्रभाव बादलों के रूप में दिख सकता है अधिक से अधिक बूंदाबांदी हो सकती है और कुछ नहीं होने वाला है सब लोग निश्चिंत रहें किसी भी विभाग चाहे सरकारी या प्राइवेट है उसे पर कोई ध्यान ना दें सब सुरक्षित रहेगा

तुर्क मुस्लिम अब्दुल अल सैयद ने अमरीका को मूर्ख बनायानकाब हिजाब बुर्का में लिपटी पत्नी को इस्लाम का घोर अपमान करते हुए सार्वजनिक स्थान पर गले लगाया अमेरिका में लव जिहाद का फल सामने आया

तुर्क मुस्लिम अब्दुल अल सैयद ने अमरीका को मूर्ख बनाया
नकाब हिजाब बुर्का में लिपटी पत्नी को इस्लाम का घोर अपमान करते हुए सार्वजनिक स्थान पर गले लगाया 

अमेरिका में लव जिहाद का फल सामने आया

मुस्लिम लोगों ने एकजुट  अमेरिका और ईसाई धर्म के विरुद्ध वोट किया 

लव जिहाद को पसंद करने वाले क्रिश्चियन महिलाओं ने भी मुसलमानों को वोट दिया जब खुलकर उनके साथ हल्लाबोल हलाला होगा तब वह कश्मीर की तरह चिल्लाएंगी

 लेकिन बचाने वाला कोई नहीं होगा ट्रंप जैसा हाल मोदी का भी होना निश्चित है जो मुसलमानों का साथ देकर उनका विकास कर रहे हैं

याद रखो अमेरिका में केवल प्रतिशत तुर्क मुसलमान है भारत में 33% हो चुके हैं 

न्यूयॉर्क का महापौर पहले ही एक मुसलमान है ऐसा इसलिए संभव हुआ कि यूरोप की तरह अमेरिकी लोकगीत पुनवादी बनाकर धर्मनिरपेक्ष बन गए और वहां पर गांधी नेहरू इंदिरा मोदी मुलायम लालू ओवैसी केजरीवाल जैसे लोगों की भरमार है और जो परिस्थितियों भारत की है वहीं अमेरिका में थी ओवैसी की भाषा समझो कि मुसलमान भारत में कालीन बिछाने नहीं आया वह दिल्ली पर हुकूमत करने आया है आज उनसे लेकर करने और सारे धर्मगुरु कह रहे हैं लेकिन मोदी बीजेपी और संघ की समझ में नहीं आ रहा है 

इसलिए समय रहते भारत के सनातनी लोगों जीत जो मोदी हटाओ योगी लाओ देश बचाओ वरना समीज सलवार पहनो कलम कुरान पढ़ने को तैयार हो जाओ

Sunday, 1 November 2026

इस बार सरकार और सरकार के पाले गए बुद्धिजीवी वामपंथी और कांग्रेसी और सनातन धर्म के द्रोही गद्दार बहुत उदास है क्योंकि ईश्वर ने अर्णव महाचक्रवात लाकर दिवाली और पराली पर उनकी जहरीली हवा और वायु प्रदूषण के कुचक्र को नाकाम कर दिया है और वह चुपचाप बैठ गए हैं

इस बार सरकार और सरकार के पाले गए बुद्धिजीवी वामपंथी और कांग्रेसी और सनातन धर्म के द्रोही गद्दार बहुत उदास है क्योंकि ईश्वर ने अर्णव महाचक्रवात लाकर दिवाली और पराली पर उनकी जहरीली हवा और वायु प्रदूषण के कुचक्र को नाकाम कर दिया है और वह चुपचाप बैठ गए हैं 


क्योंकि जो वायु प्रदूषण वर्षा और सूखा होने के कारण 400 से 500 के बीच रहा करता था वह लगातार 50 से 100 के बीच  2 महीनों चल रहा है और एक महीने तो लगातार सव0 से 50 के बीच रहा जौनपुर जैसे नगर और दिल्ली में भी यह 10 से 20 के बीच बना रहा  और अब यह लोग टकटकी की लगाकर बैठे हैं कि कब यह 300 पार करें और हम लिखना शुरू कर दें की दिवाली में पटाखे और आतिशबाजी ना जलाएं वरना प्रदूषण और जहर फैलता है ।


यह सनातन हिंदू द्रोही गद्दार लोग जब ईद और बड़े दिन तथा क्रिसमस और नये ईसाई वर्षा पर भयंकर आतिशबाजी पूरी दुनिया और भारत में होती है तब चुप रहते हैं क्योंकि उसे समय आतिशबाजी और पटाखे की रोशनी में चारों ओर ऑक्सीजन पैदा होता है और अमृत की वर्षा होती है। 


जन्मजात भारत और सनातन धर्म के यह विरोधी बकरीद पर भी पूरी तरह चुप रहते हैं जब पूरी दुनिया में अर्बन जानवर काटे जाते हैं और उनका खून सड़क से लेकर नदियों और झीलों में फैल जाता है और अपशिष्ट मल मूत्र चर्बी की दुर्गंध संपूर्ण वातावरण में जहर घोल देता है वही नया क्रिसमस इसी वर्ष यही लोग बढ़-चढ़कर मनाते हैं तब सरकार सरकारी तंत्र बुद्धिजीवी लोग वामपंथी कांग्रेसी और विपक्षी दलों के अनुसार क्रिसमस की आतिशबाजी और प्लास्टिक के बने पेड़ पौधे पूरी दुनिया को स्वच्छ ताजी हवा ऑक्सीजन और अमृत वर्षा से भर देते हैं। बचपन से ही बच्चों को झूठा सच सिखाया जाता है कि रात में सांता क्लास क्रिसमस पर बच्चों को मिठाइयां और खिलौने देकर चले जाते हैं यह काम सनातनी लोगों को दिवाली पर करना चाहिए और कहना चाहिए की रात में लक्ष्मी मां आप लोगों को मिठाई चॉकलेट खिलौने देकर गई हैं। 

सचमुच कितने बड़े गद्दार देशद्रोही धर्मद्रोही और महानीच यह लोग हैं लेकिन दुनिया भर के 350 करोड़ सनातनी जिम हिंदू सिख जैन बहुत आदिवासी वनवासी गुफा वास समुद्र वासी और नास्तिक सम्मिलित हैं उनकी भयानक गद्दारी विश्वासघात सनातन और भारत के प्रति गहरी ईर्ष्या द्वेष जलन को समझ चुके हैं और उनके बनाए गए जाल में फंसने वाले नहीं है सब लोग बढ़-चढ़कर दिवाली मनाएंगे और सारी दुनिया को जगमग कर देंगे  - डॉ दिलीप कुमार सिंह मौसम विज्ञानी ज्योतिष शिरोमणि एवं निदेशक

खेल से एकता तक हॉकी प्रतियोगिता में खुर्शीद कॉलेज और सनवे रहे विजेता

*खेल से एकता तक हॉकी प्रतियोगिता में खुर्शीद कॉलेज और सनवे रहे विजेता*
सरदार बल्लभ पटेल जी जयंती के उपलक्ष में एकता दिवस के शुभ अवसर पर दो दिवस्य हॉकी प्रतियोगिता का आयोजन अखिल भारतीय मुस्लिम महासंघ द्वारा आयोजित किया गया।
प्रतियोगिता में छह बालिका और सात बालक वर्ग की टीमों ने प्रतिभाग किया। जिसका फाइनल एक नवंबर को शहीद ए आज़म स्पोर्ट्स स्टेडियम में खेला गया।
आज फाइनल मुकाबला सनवे और सिम्स के मध्य खेला दोनों ही टीमों ने दो दो गोल किया अन्त में पेनाल्टी शूट में सनवे ने सिम्स को तीन दो से हराकर विजेता रही।
बालिका वर्ग में फाइनल मुकाबला खुर्शीद कन्या इंटर कॉलेज और कन्या इंटर कॉलेज खारी कुआं के मध्य खेला गया यह मुकाबला भी दो दो से बराबरी पर रहा अन्त में पेनाल्टी शूट से निर्णय हुआ जिसमें खुर्शीद ने खारिकुआ तीन दो से हराकर विजेता रही।
उद्घाटन ज़िला क्रीड़ा अधिकारी ने किया।
मैच की मुख्य अतिथि श्रीमती पूजा शर्मा ज़िला महामंत्री भाजपा महिला मोर्चा रहीं।
मुख्य अतिथि श्रीमती पूजा शर्मा ने सरदार बल्लभ भाई पटेल के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा। खेल से एकता का संदेश बहुत बड़ा उदाहरण है जो रामपुर से दिया गया।
उन्होंने विजेता और उपविजेता टीमों को ट्रॉफी और मेडल पहना कर पुरस्कृत किया 
मुस्लिम महासंघ द्वारा हॉकी प्रतियोगिता का आयोजन सराहनीय है। आयोजक फ़रहत अली खान ने सभी का आभार व्यक्त किया और बताया की लगभग एक्सो बयालीस खिलाड़ियों ने प्रतिभाग किया।
इस अवसर विवेक रहेला उपाध्यक्ष भाजपा, मुख्तार खान हॉकी संघ सचिव सौरभ कुमार खेलो इंडिया कोच डॉ अनूप सिंह अध्यक्ष योगा स्पोर्ट्स, मनोज कुमार अध्यक्ष क्रीड़ा भारती मारिया फ़रहत ज़ीनत परवीन  अय्यूब खान अजहर अहमद राहुल खेमपाल बाबू राज आदि बड़ी संख्या में दर्शक उपस्थित रहे।

डॉक्टर दिलीप कुमार सिंह विधिक साक्षरता क्लब में प्रशिक्षक नियुक्त**

 **डॉक्टर दिलीप कुमार सिंह वैदिक साक्षरता क्लब में प्रशिक्षक नियुक्त**
राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ के निर्देशानुसार जनपद न्यायाधीश अध्यक्ष जिला विधिक  सेवा प्राधिकरण जौनपुर के जिला जज अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जौनपुर सुशील कुमार शशि एवं सचिव पूर्ण कालिक सुशील कुमार सिंह की देखरेख में गठित विधिक साक्षरता क्लब में डॉक्टर दिलीप कुमार सिंह डिप्टी चीफ डिफेंस काउंसिल जनपद न्यायालय जौनपुर को 109 विद्यालयों के विद्यार्थियों को प्रशिक्षित करने के लिए विद्यालय के प्रधानाचार्य के द्वारा एक शिक्षक को नियुक्त किया गया है जिसका आयोजन 2 नवंबर 2026 को किया जाएगा। इसमें हर विद्यालय में एक शिक्षक को नोडल शिक्षक के रूप में नामित किया गया है।[11/1, 1:59 PM]  जनपद न्यायाधीश के निर्देशानुसार कक्षा 9 से कक्षा 12 तक के जनपद  में संचालित विद्यालयों के शिक्षक गण को ऑनलाइन  जाएगा जिसका विषय है संविधान संवाद एक संवैधानिक साक्षरता अभियान एवं प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता है यह संविधान एवं प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता 2 नवंबर को 11:00 बजे से लेकर 1:30 बजे तक संपन्न होगी