Tuesday, 12 May 2026

मस्तिष्कों को सुन कर देने वाले महान सत्य -डा दिलीप कुमार सिंह मौसम विज्ञानी ज्योतिष शिरोमणि

मस्तिष्कों को सुन कर देने वाले महान सत्य-डा दिलीप कुमार सिंह मौसम विज्ञानी ज्योतिष शिरोमणि
 हुमायूं 1540 में शेरशाह से हार कर ईरान भाग गया और 1555 में वापस आया अकबर का जन्म 1542 में हुआ अमरकोट में बाकी आप खुद समझ लीजिए मैं समझ में आए तो दिमाग पर जोर दीजिए‌ फिर भी ना समझ में आए तो अर्जुन का सबसे बड़ा और गंभीर प्रश्न श्रीमद् भागवत गीता में खोज लीजिए जिसमें उन्होंने भगवान कृष्ण से कहा कि मैं युद्ध किसी डर के कारण या सगे संबंधियों हत्या ‌ से बचने के कारण से नहीं करना चाहता बल्कि इसकी सही वजह है कि मैं केवल इसीलिए इस ब्रह्मांड व्यापी विश्व युद्ध में भाग नहीं लेना चाहता क्योंकि इसमें बहुत बड़ी संख्या में पुरुष मारे जाएंगे जिसके कारण महिलाओं की संख्या पुरुषों से कई गुना बढ़ जाएगी और पूरा विश्व वर्ण शंकर अर्थात दोगला हो जाएगा जो पूरी दुनिया और सृष्टि के लिए एक अभिशाप है 

इसको इस प्रकार भी समझा जा सकता है कि वैज्ञानिक दृष्टि से वर्णन शंकर प्रजातियां बहुत तेज होती हैं और बहुत अधिक उन्नत करती हैं लेकिन दूसरी तीसरी पीढ़ी जाते-जाते यह सब स्वयं भी बर्बाद होते हैं और देश जाति धर्म सब कुछ बर्बाद कर देते हैं यह एक अटल वैज्ञानिक सत्य है जैसे कि अधिक उत्पादन देने वाली प्रजातियों अधिक दूध देने वाली गाय और भैंस बहुत अधिक समय तक उस तरह नहीं रह पाती जर्सी गाय का उदाहरण देखा जा सकता है और सबसे बड़ी बात इनकी लागत इतनी अधिक होती है कि उसे अनुपात में उनका दूध बहुत ही कम होता है और सबसे बड़ी बात वर्णशंकर प्रजातियां की उत्पादकता मात्रा तो अधिक होती है लेकिन स्वास्थ्य वर्धन और पौष्टिकता बहुत ही कम होती है यह सब अकाट्य के वैज्ञानिक सत्य हैं ।

भगवान श्री कृष्ण ने अर्जुन को समझाते हुए कहा था कि यदि ऐसा नहीं होगा तो कलयुग धरती पर आएगा कैसे और ईश्वर किया परिकल्पना है कि हर युग को बार बार आना है तब अर्जुन युद्ध करने के लिए तैयार हुए थे और सम्राट परीक्षित ऐसे महान राजा हुए जो कलयुग के सिर पर पैर रखकर स्वर्ग में आए विमान पर चढ़कर चले गए उसके बाद ही कलयुग का धरती पर आगमन संभव हो पाया था ।


कलयुग ने केवल पांच जगह राजा परीक्षित के पैर पकड़कर मांगा था जहां वहां रह सके इस पर राजा ने कहा जहां दुराचार हो जहां मदिरापान हो जहां नशे का वास हो जहां पर सोना हो और जहां परस्पर कलह हो तुमको मैं वहां बस जाने की आज्ञा देता हूं लेकिन वह भूल गए कि उनका मुकुट भी सोने का था बस तत्काल कलयुग को मौका मिला और सबसे पहले उनके सोने के मुकुट में घुस गया ।


सबको अपने भुज के बल से जीत लिया था उनके अंदर पाप बस गया और आगे चलकर गहन तपस्या में लीन ऋषि के गले में मरा हुआ सांप डाल दिया जब उनके पुत्र ने देखा तो शराब दे दिया कि जिस राजा ने ऐसा कर्म किया है उसको आज के सातवें दिन तक्षक नाग काट लेगा और उसकी मृत्यु को कोई बचा नहीं सकता ऐसा कलयुग का प्रभाव है ।


कलयुग से बचने का एक ही उपाय है ईश्वर का नाम और कीर्तन दुराचारी लोगों से दूरी नशापान मदिरापान करने वालों से बहुत अधिक दूरी और वर्ण शंकर प्रजातियों से अत्यधिक दूरी बनाकर रहे और कोई भी उपाय नहीं है क्योंकि चार लाख 32 हजार साल बहुत लंबी अवधि होती है ।

हर युग अपने परवर्ती युग का दुगना होता है कलयुग से दो गुना बड़ा द्वापर द्वापर से दो गुना बड़ा त्रेता और त्रेता से दो गुना बड़ा सतयुग होता है ।

रामायण महाभारत वेद पुराण और अन्य शास्त्रों में लिखा गया है इस सतयुग के मनुष्य 100000 वर्ष जीवित रहते थे उनकी ऊंचाई 32 फिट होती थी त्रेता आते-आते लोग 10000 वर्ष जीवित रहने लगे और उनकी ऊंचाई घटकर केवल 21 फिट रह गए थे द्वापर में मनुष्यों की औसत ऊंचाई 10 से 11 फिट रह गई और जीवनकाल 1000 वर्ष रह गया था कलयुग के लिए कहा गया है कि 5 फीट से  छह फीट लंबी मानव जाति होगी और अधिकतम 100 वर्ष कोई जी पाएगा यह सब वैज्ञानिक सत्य है जिसको जांचों परखा चुका है। 

इसका एक प्रमाण मिलता है जब भगवान श्री कृष्ण ने विश्व के अपराजिता यवन योद्धा जिससे मुस्लिम वंश चला था कालयवन से धरती के भार को मुक्त कराना चाहा जिसको कोई भी पराजित नहीं कर सकता था तब वह छल कपट का प्रयोग करते हुए उसे हिमालय पर्वत स्थित उस गुफा में ले गए जहां  ‌ ईश्वर और देवी देवताओं से वरदान प्राप्त सतयुग में संपूर्ण राक्षसों का विनाश करने वाला देवताओं का रक्षक सम्राट मचकुंद सो रहा था उसे भी का विशाल शरीर पर भगवान कृष्ण ने अपनी चादर फेंक दिया और गुफा में छुप गए कालयवन  जो लगभग 25 फीट लंबा और 10 कुंतल भारी था जब उसने यह देखा तो लात मार कर कहा अरे कर तू कितना देर छुप कर मुझसे रहेगा दौड़ते दौड़ते थक गया तो सो रहा है । या मुझे धोखा देने का प्रयास कर रहा है।

इसके बाद सम्राट मचकुंड उठे और जैसे उन्होंने आंख खोली उस भयंकर अग्नि ज्वाला निकाली और काले वन जलकर राख हो गया तब भगवान श्री कृष्ण के आगे प्रकट हुए और उन्होंने तत्काल पहचान लिया किया कि ‌ श्री कृष्णा भगवान श्री हरि विष्णु के अवतार हैं 

महाभारत और भागवत पुराण के मूल ग्रंथ में लिखा है कि जब सम्राट गुफा से बाहर आए तो अधिकांश पेड़ पौधे उनसे बहुत छोटे थे और मनुष्य तो उनके आगे बहुत ही छोटे दिखाई पड़ते थे आश्चर्यचकित होकर जब भगवान श्री कृष्णा उन्होंने यह सब जानना चाहा तो बोले हे राजन तीन युग बीत चुके और कलयुग आने वाला है इतना सुनने के बाद सम्राट मुचुकुंद विष्णु के धाम में चले गए कोई भी ज्ञान विज्ञान दर्शन शास्त्र और गणित नहीं है जो भारत वालों ने चरम विकास नहीं कर लिया था । और इसीलिए महाभारत काल में दिव्य अस्त्र-सूत्रों के प्रयोग से धरती का बड़ा भाग वीरान हो गया और सैकड़ो करोड़ लोग मारे गए और फिर से सभ्यता विकसित होने में 2000 वर्ष लग गए जिसे अंधकार कल कहा जाता है महाभारत के बाद भारत का इतिहास फिर मौर्य काल के आसपास प्रारंभ होता है।

लोग रामायण महाभारत धारावाहिक फिल्में देखते हैं इसलिए सच नहीं समझ पाते महाभारत में बिल्कुल स्पष्ट लिखा है कि यदि ब्रह्मास्त्र कहीं भी चलाया जाता है तो उसे क्षेत्र की सारी धरती ऊसरबंजर हो जाती है वहां घास का तिनका भी नहीं उग सकता है और 12 वर्ष तक वहां होने वाली सारी संताने पेड़ पौधे सब विकलांग और विषैले होते हैं ‌ नागासाकी हिरोशिमा और चेर्नोबिल का विनाश और परमाणु केदो में रेडिएशन से करने वाले वैज्ञानिक इस बात का जीता जागता प्रमाण है।इस सच को कोई भी पढ़कर जान सकता है ब्रह्मास्त्र की पूरी शक्ति का प्रयोग करने पर यह सारी धरती को नष्ट कर सकता था जबकि नारायण अस्त्र संपूर्ण आकाशगंगा को और भगवान श्री शिव जी का पाशुपतअस्त्र अनंत कोटि ब्रह्मांड को नष्ट कर सकता था।

सर विज्ञान इस सच पर मौन है एक तरफ तो कहते हैं प्रकाश की गति से अधिक कोई चीज नहीं चल सकती लेकिन कोई भी वैज्ञानिक इस महान सत्य को नहीं बता सका कि यदि ब्रह्मांड का जन्म लगभग 14 अरब वर्ष पहले हुआ तो यह 100 अब वर्ष कैसे फैल गया इसका उत्तर किसी गणितज्ञ वैज्ञानिक के पास नहीं इसका अर्थ यह होता है कि ब्रह्मांड का विस्तार प्रकाश की गति से 8 गुना तेजी से हुआ जो असंभव है यदि किसी के पास इसका उत्तर है तो मुझको इसका उत्तर देने की कृपा करें।

Sunday, 10 May 2026

आज जनपद न्यायालय जौनपुर में प्रशासनिक न्यायाधीश न्यायमूर्ति ‌ नीरज तिवारी का आगमन हुआ

आज जनपद न्यायालय जौनपुर में प्रशासनिक न्यायाधीश न्यायमूर्ति ‌ नीरज तिवारी का आगमन हुआ इस अवसर पर जनपद न्यायाधीश सुशील कुमार शशि ‌ प्रधान जज पारिवारिक न्यायालय ‌ ‌ प्रीति श्रीवास्तव न्यायाधीश स्थाई लोक अदालत ‌ लालचंद्र गुप्ता ‌ अध्यक्ष ‌ मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल मनोज कुमार अग्रवाल नोडल अधिकारी अपर जिला जज रंजीत कुमार ‌ सचिव सुशील कुमार सिंह सहित सभी न्यायाधीश ‌ जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक जौनपुर लीगल एड डिफेंस सिस्टम ‌ जनपद न्यायालय जौनपुर के अनिल कुमार सिंह डॉ दिलीप कुमार सिंह अनुराग चौधरी और प्रकाश तिवारी ‌ अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष सुभाष चंद्र यादव एवं मंत्री रण बहादुर यादव ‌बैंक  ‌ सहायक श्रमायुक्तके अधिकारी न्यायालय के कर्मचारीगण और बड़ी संख्या में वादकारीगण ‌ मीडियाकर्मी उपस्थित रहे।

सर्वप्रथम प्रशासनिक  न्यायमूर्ति नीरज तिवारी का स्वागत करके सरस्वती वंदना एवं दीप प्रज्ज्वलन ‌ का कार्यक्रम माननीय न्यामूर्ति के द्वारा किया गया इसी क्रम में नेहरू बालोद्यान की छात्राओं द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं स्वागत गीत प्रस्तुत किया गया। 

प्रशासनिक न्यायमूर्ति ‌ नीरज तिवारीको बैंक के अधिकारियों द्वारा स्मृति चिन्ह और पुष्प गुच्छ शाल  एवं पादप प्रदान ‌ करके उनको सम्मानित किया गया।‌ इसके अतिरिक्त मंचासीन जनपद न्यायाधीश जिलाधिकारी पुलिस अधीक्षक अध्यक्ष अधिवक्ता संघ एवं अध्यक्ष मोटर एक्सीडेंट  क्लेम ट्रिब्यूनल प्रधान जज पारिवारिक न्यायालय को भी पुष्प गुच्छ और पौधे देकर सम्मानित किया गया।इसी क्रम में 5 पैरा लीगल वॉलिंटियर्स ‌ को सम्मानित किया गया और ‌ उल्लेखनीय कार्य करने वाले श्रमिकों एवं विकलांग व्यक्तियों का सम्मानित करके उन्हें व्हील चेयर सिलाई मशीन इत्यादि प्रदान किया गया।
इस अवसर पर सिविल क्रिमिनल बैंक बीमा एन आई एक्ट राजस्व प्रीलिटिगेशन एवं पारिवारिक वादों का हजारों की संख्या में निस्तारण करके करोड़ों रूपयो की क्षतिपूर्ति एवं प्रतिकर पीड़ित पक्षकारों को दिलाया गया। 

जनपद न्यायाधीश जौनपुर के द्वारा लोक अदालत के संबंध में विवरण प्रस्तुत किया गया और इसी क्रम में उपस्थित समस्त लोगों को न्यायमूर्ति नीरज तिवारी द्वारा संबोधित करते हुए आशीर्वचन दिया गया ‌ कार्यक्रम का संचालन पूर्ण कालिक सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण  ‌ सुशील कुमार सिंह के द्वारा किया गया

Tuesday, 5 May 2026

पांच राज्यों में हुए चुनाव का निष्पक्ष विश्लेषण -डॉ दिलीप कुमार सिंह

पांच राज्यों में हुए चुनाव का निष्पक्ष विश्लेषण -डॉ दिलीप कुमार सिंह 
भारत में पांच राज्यों में मतदान सबसे चर्चित विषय रहा जिन पांच राज्यों में चुनाव हुआ उनमें सभी अत्यंत महत्वपूर्ण थे जिसमें से बंगाल और असम सीमा प्रांत होने के कारण बहुत संवेदनशील थे। जबकि तमिलनाडु केरल और पुडुचेरी दक्षिण भारत के राज्य थे बंगाल के अलावा तमिलनाडु और केरल और पंजाब ऐसे राज्य हैं जहां भाजपा ने कभी भी सत्ता में सीधे प्रतिभा नहीं किया इसलिए इस बार के चुनाव में यह सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों के लिए बहुत महत्वपूर्ण था।

मतदान के पूर्व जो सर्वेक्षण आए थे वह इस बार काफी हद तक ठीक-ठाक रहे लेकिन हमारे केंद्र की भविष्यवाणी एक बार फिर 100% सही उतरी लगभग सभी मतदान सर्वेक्षण में असम और पुडुचेरी में भाजपा गठबंधन को और बंगाल में कांटे का मुकाबला दिखाते हुए तमिलनाडु में ग्रामीण मुनेत्र कड़गम और केरल में यूडीएफ को विजय दिखाया गया था। 

जबकि हमारे केंद्र के द्वारा बंगाल असम और पुडुचेरी में भाजपा गठबंधन की सीधी विजय की भविष्यवाणी की गई थी लेकिन बंगाल में 165 सीटों के मुकाबले भी भाजपा ने 286 सिम प्राप्त कर लिया तमिलनाडु में किसी तीसरे गठबंधन की एकमात्र भविष्यवाणी हमारे केंद्र के द्वारा की गई थी जो टीवीके के विजय होने के साथ पूरी तरह सही हुई ‌ केरल में भाजपा गठबंधन का तीन सीट प्राप्त करना काफी महत्वपूर्ण रहा जबकि तमिलनाडु में भाजपा एक बार फिर से असफल रही। ‌ इन समस्त बिंदुओं का निष्पक्ष और सही विश्लेषण आवश्यक है कि ऐसा क्यों रहा। 

सबसे पहले हम चुनाव परिणाम पर आते हैं पश्चिम बंगाल में कुल 294 सीटें थी‌। लेकिन चुनाव 293 सीट पर हुए आवश्यक बहुमत 147 था लेकिन भाजपा गठबंधन ने 46% मत पाकर और 206 सीट पर सबको आश्चर्य में डाल दिया जबकि कांग्रेस का लगातार चौथी बार विजयी होने का सपना चूर-चूर हो गया ‌ उसकी केवल 81 सीटें और 41% वोट प्राप्त हुए यहां पर ध्यान देना आवश्यक है कि पिछली बार त्रृणमूल कांग्रेस को जबरदस्त 216 स्थान और भाजपा को केवल 77 स्थान प्राप्त हुए थे।

भाजपा में ममता की पराजय और भाजपा की विजय के अनेक कारण चुनाव विश्लेषक देते हैं लेकिन इसमें सबसे प्रमुख भूमिका एस आई आर पी रही जिसमें भाजपा विरोधी लाखों मतदाता जो फर्जी थे हट गए। और यह सबसे बड़ा कारण सिद्ध हुआ क्योंकि यहां पर विजय बहुत अधिक अंतर से नहीं हुआ था और हर एक स्थान से हटाए गए मतदाता उतने ही थे लगभग जीतने से अधिकांश प्रत्याशी विजयी हुए ‌ दूसरा सबसे महत्वपूर्ण कारण योगी जी का जबरदस्त चुनाव प्रचार और उनकी लोकप्रियता थी सच पूछा जाए तो उनके आने के बाद ही भगवा रंग बंगाल की जनता के बीच परवान चढ़ा और हर जगह योगी योगी और उनका बुलडोजर मॉडल कानून व्यवस्था प्रमुख मुद्दा रहा। 

इसके अतिरिक्त महिला डॉक्टर के साथ हुए बलात्कार कांड ने और उसे पर ममता सरकार की जबरदस्त लीपा पोती ने जन आक्रोश को भड़का दिया सनातन धर्म पर ममता की तीखी टिप्पणी और 5 साल में हजारों हत्या लूट बलात्कार और मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्र में अत्याचार में सभी सनातनी लोगों को एकजुट किया वह समझ गए कि इस बार नहीं तो कभी नहीं क्योंकि अगले चुनाव तक मुस्लिम मतदाता हर जगह बहुत संख्या हो जाते‌ इसके अतिरिक्त अमित शाह का डेरा डाल देना बहुत बड़ी संख्या में सेना और अर्धसैनिक बलों की नियुक्ति ‌ ममता समर्थक बेईमान अधिकारियों को हटाना और मोदी योगी अमित शाह की धुआंधार चुनावी सभाएं रही और तमाम रक्त पाठ के बाद भी सनातनी जनता ने अपने जान जोखिम में डालकर भाजपा को प्रचंड विजय देकर उसके सभी बहाने बाजी को हमेशा के लिए बंद कर दिया ‌ इसके अतिरिक्त हजारों की संख्या में हर महीने घुसने वाले भगोड़े और आतंकी कानून व्यवस्था की बहुत ही खराब स्थिति महिलाओं पर अत्याचार और भाजपा सरकार द्वारा लोक लुभावना नारों पर भी इसका खूब असर पड़ा।

इसके बाद हम असम पर आते हैं जो बंगाल की तरह बहुत ही संवेदनशील और घुसपैठियों की सबसे अधिक पीड़ा सहन करने वाला राज्य है इस पर बहुत व्यापक आंदोलन भी चलाएंगे यहां कुल 126 सीटें हैं ‌ बहुमत के लिए ‌ 64 विधायकों की आवश्यकता होती है इस बार भाजपा ने पिछले प्रदर्शन से बहुत ऊपर उठकर 102 सिम प्राप्त किया जबकि पिछली बार उसकी केवल 75 स्थान मिले थे कांग्रेस का यहां लगभग सफाया हो गया पिछली बार 50 सीटों से वह केवल 21 स्थान पर सिमट गई निर्दल भी केवल एक स्थान पर सके

इस चुनाव में हेमंत विश्व शर्मा का अपना स्वयं का कद और आकर्षक तथा देशभक्त और उनके किए गए कार्य ‌ योगी की तरह निडरता पूर्वक सनातन धर्म का पक्ष ग्रहण करना ‌ और बांग्लादेशी घुसपैठियों द्वारा मार्केट बलात्कार जमीनी कब्ज और कांग्रेस द्वारा उसे समर्थन देना सनातन धर्म को एक करने और हिमंत विश्व शर्मा की प्रचंड विजय का कारण बना और अब और भी अधिक तीव्रता के साथ असम में सनातन धर्म का प्रचार प्रसार होगा। उल्लेखनीय है कि भाजपा यहां पर 48 प्रतिशत वोट पाई जो एक विमान है।


सबसे अधिक चर्चा और निगाहें तमिलनाडु के चुनाव पर भी ‌ लगी हुई थी जहां आजादी के बाद से केवल दो पार्टियों के बीच सट्टा बारी-बारी से विभाजित होती रहती थी। इस बार हमारे केंद्र को छोड़कर सभी ने फिर से डीएमके के सत्ता में आने की घोषणा की जबकि मैं तीसरे गठबंधन अर्थात टीवी के लिए जो भविष्यवाणी किया था वह पूरी तरह सही हुई और सारे इतिहास को बदलते हुए अभिनेता विजय तमिलनाडु की जनता में पहले ही प्रयास में छा गए और 107 सिम जीतकर इतिहास रच दिया उन्हें 35% मत प्राप्त हुए जबकि अन्ना धर्म की 51 और प्रमुख 65 सीटों पर ही सिमट गई पिछली बार अन्ना को 75 और डीएमके को 159 सीट मिली थी। यहां पर जनता हिंदी विरोध और दोनों दलों के भ्रष्टाचार से बुरी तरह उठ चुकी थी बढ़ता हुआ मुस्लिम तुष्टिकरण भी इसका एक बहुत बड़ा कारण बना न्यायपालिका के दीप जलाने के निर्णय भी प्रभावकारी रहे बहुत ही फिल्में अंदाज में फिल्म अभिनेता विजय ने तमिलनाडु की राजनीति में प्रवेश किया और सभी पूर्ण धारणाओं को निर्मल सिद्ध कर दिया तमिलनाडु की जनता देश के मुख्य धारा में जुड़कर विकास चाहती है यह अच्छी तरह से विजय समझ चुके थे लेकिन यहां सबसे अधिक निराशा मोदी जी और भाजपा को प्राप्त हुई उनका कोई भी जादू यहां नहीं चल पाया योगी जी को यहां प्रचार नहीं करने दिया गया इसका भी बहुत बड़ा नुकसान हुआ। आशा है कि अगले 5 साल में विजय तमिलनाडु को देश के मुख्य धारा से जोड़कर उसे विकास के रास्ते पर ले आएंगे 

अगला राज्य केरल शाह जहां आजादी के समय से आज तक सत्ता कांग्रेस और वाम दलों के बीच विभाजित होती रहती थी इस बार भी ऐसा ही हुआ लगभग सभी सर्वेक्षण में और हमारे केंद्र के अनुसार भी कांग्रेस समर्थित यूडीएफ के विजई होने की भविष्यवाणी सही हुई जहां पर पंजाब के अलावा दूसरा राज्य केरल बना जहां भाजपा अपना मान सम्मान बढ़ाने में सफल रहे कल 140 सीटों में बहुमत के लिए 71 सीट आवश्यक होती है। लेकिन कांग्रेस गठबंधन ने 102 सिम प्राप्त कर दो तिहाई से अधिक बहुमत प्राप्त कर लिया और वह मॉडल 35 सीटों पर सिमट कर रह गए पिछली बार आम दलों को 99 सीट प्राप्त हुई थी। यहां पर तीन सीट भाजपा गठबंधन ने भी प्राप्त किया और एक इतिहास बनाया। 

केरल में मुस्लिम धर्मांतरण और सनातनी धर्म के मंदिरों पर किया गया प्रहार निर्णायक भूमिका में रहा जिसमें पद्मनाभ मंदिर और सबरी माला मंदिर ने निर्णायक भूमिका निभाई और न्यायपालिका को बताया कि हम अपने धार्मिक बिंदुओं में हस्तक्षेप सहन नहीं कर पाएंगे वाम दलों से लोग बहुत लंबे समय से पूरी तरह ऊब चुके थे।‌ लव जिहाद की अनगिनत घटनाएं हो रही थी खाड़ी देशों में महिलाओं को निर्यात किया जा रहा था केरल के अर्थव्यवस्था बुरी तरह प्रभावित थी महंगाई की मार और कश्मीर फाइल्स ने भी इसमें निर्णायक भूमिका निभाया सबसे अधिक पढ़े लिखे शिक्षित लोगों का प्रदेश केरल इस बार अलग ढंग से सामने आया और यह संदेश आया कि देश की मुख्य धारा से जुड़कर ही चलना चाहते हैं 


अंतिम राज्य पुडुचेरी था जो एक संघ शासित प्रदेश है जहां केवल 30 स्थान हैं इस बार भाजपा गठबंधन ने 18 स्थान पर विजय प्राप्त किया जो पिछली बार से दो अधिक है कल 35% मतदान लोगों ने भाजपा गठबंधन को दिया अन्य लोगों को इस वर्ष स्थान से संतोष करना पड़ा पुडुचेरी में महर्षि रमण और ओशो का आश्रम है यहां लोग पढ़े-लिखे और समझदार हैं और देश की मुख्य धारा के साथ ही रहना चाहते हैं ‌ असम की तरह यहां भी सत्ता में कोई परिवर्तन नहीं हुआ 

इस प्रकार कहा जा सकता है कि सभी राज्यों के आम चुनाव में यह दिखाया कि देश की जनता देश के मुख्य धारा से जुड़कर आगे बढ़ना चाहती है जिसको रोकने वाले राजनेता और परियों बहुत बुरी तरह से हार गई हिंदी विरोध करने वाले और उत्तर भारत का विरोध करने वाले डीएम के और अन्ना डीएमके का हरण बहुत ही सुखद आश्चर्य है देश बढ़ती महंगाई बेरोजगारी से बुरी तरह परेशान है और आने वाले समय में लोग हमेशा आपस में लड़ने वाले लोगों से दूर ही रहना चाहते हैं इस एन मोदी अमित शाह के अलावा योगी जी को सर्वशक्तिमान और लोकप्रिय नेता के रूप में स्थापित करके उन्हें अग्रिम प्रधानमंत्री होने की सुखद सूचना दे दी है यदि इसका अंदर या बाहर विरोध हुआ तो वह लोग भी हसीए पर चले जाएंगे लोग किसी भी हालत में शांति कानून व्यवस्था चाहते हैं अपराधी लोगों और घुसपैठियों तथा आतंकी अराजक तत्वों को दमन करके सच्चा देशभक्त और सनातनी ही देश का लोकप्रिय व्यक्ति होगा इस बात का जनता ने बिल्कुल स्पष्ट रूप से संकेत दे दिया है यह मोदी जी और अमित शाह के लिए भी सीधा-सीधा संदेश है इसके अलावा हर एक राज्य में जनता ने पूर्ण बहुमत के साथ विजय लोगों को शासन सौंप कर उनके सारे किंतु परंतु और बहाने बाजी को दरकिनार कर दिया है

Monday, 4 May 2026

मौसम की भविष्यवाणी जौनपुर और आसपास में महीने में 100 वर्ष का सबसे कम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस अंकित किया गया और आज सुबह की सर्दी ने सबको कंबल ओढ़ने पर विवश कर दिया

मौसम की भविष्यवाणी जौनपुर और आसपास में महीने में 100 वर्ष का सबसे कम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस अंकित किया गया और आज सुबह की सर्दी ने सबको कंबल ओढ़ने पर विवश कर दिया 

अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस रहा और अभी कई दशक का सबसे कम तापमान है वायु गुणवत्ता सूचकांक 40 से 70 के बीच और वायु की दिशा पूर्वी तथा वायु की गति 15 से 25 किलोमीटर प्रति घंटा रहे पराबैंगनी किरणों की तीव्रता 2 से 5 पर रही।

आज दिन में घने बादलों के साथ कई बार बूंदाबांदी और हल्की वर्षा जौनपुर और आसपास के सभी क्षेत्र में होने की प्रबल संभावना है कल भी मौसम लगभग इसी प्रकार का रहेगा लेकिन इस प्रकार बादल वर्षा धूप छांव और तेज हवाओं आंधी तूफान का क्रम अभी 9 म ई के बाद ही समाप्त होगा।

कल भी कहीं-कहीं बूंदाबांदी और हल्की वर्षा होने की संभावना बनी हुई है बाकी स्थितियां आज की तरह ही रहेगी अधिकतम और न्यूनतम तापमान में 2 से 5 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि होगी 

कल का अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 23 डिग्री सेल्सियस होने की प्रबल संभावना है 10 में के बाद एक बार मौसम फिर परसेंट रूप से गर्मी की तरफ बढ़ जाएगा -डॉ दिलीप कुमार सिंह मौसम विज्ञानी ज्योतिष शिरोमणि एवं निदेशक

Sunday, 3 May 2026

आज और कल के मौसम की भविष्यवाणी -डॉ दिलीप कुमार सिंह मौसम विज्ञानी ज्योतिष शिरोमणि एवं निदेशक अलका शिप्रा वैष्णवी ज्योतिष मौसम पूर्वानुमान एवं विज्ञान अनुसंधान केंद्र जौनपुर

आज और कल के मौसम की भविष्यवाणी -डॉ दिलीप कुमार सिंह मौसम विज्ञानी ज्योतिष शिरोमणि एवं निदेशक अलका शिप्रा वैष्णवी ज्योतिष मौसम पूर्वानुमान एवं विज्ञान अनुसंधान केंद्र जौनपुर 


आज और कल दोपहर के बाद और रात में भी आंधी पानी तूफान वज्रपात बिजली की चमक और गरज के साथ होगी तेज वर्षा 

शुभ और मांगलिक कार्यों वाले लोग सावधान रहें और तदअनुसार अपनी व्यवस्था करें 


आज का अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 24 डिग्री सेल्सियस रहेगा वायु गुणवत्ता सूचकांक 40 से 60 पराबैंगनी किरणों की तीव्रता 5 से 7 दिशा पूर्वी उत्तर पूर्वी और गति 15 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे रहेगी 

दोपहर के बाद कभी भी झंझा झकोर घन गर्जन वज्रपात वारिदमाला बिजली ‌ की भयानक चमक और भीषण गरज के साथ जौनपुर मध्यम से भारी कहीं  कहीं बहुत भारी वर्षा होगी।

कल के बारे में अनुमान है कि अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 22 डिग्री के साथ ठंड और सुहावना रहेगा और मैं महीने में फरवरी जैसा दृश्य उत्पन्न होगा यह आगे आने वाले समय के लिए बहुत खराब रहेगा सूचकांक करने की तीव्रता और हवा की गति आज की तरह ही रहेगी 

इस प्रकार हमारे केंद्र की वह भविष्यवाणी बिल्कुल सही होगी जिसमें एक म ई से 9 म ई तक मौसम बहुत सुहावना सुखद और ठंडा रहेगा लेकिन वर्ष कल के लिए यह बहुत दुखद रहेगा। एल नीनो और सौरमंडल के प्रभाव के कारण खंड वर्षा बाढ़ काल सुख भीषण गर्मी आंधी तूफान चक्रवात का सामना वर्षा काल में करना होगा

Friday, 1 May 2026

मौसम की भविष्यवाणी और आकलन आज‌‌ सुबह जौनपुर और आसपास तेज हवा के साथ हल्की वर्षा की संभावना -डॉ दिलीप कुमार सिंह मौसम विज्ञानी ज्योतिष शिरोमणि

: मौसम की भविष्यवाणी और आकलन आज‌‌ सुबह जौनपुर और आसपास तेज हवा के साथ हल्की वर्षा की संभावना -डॉ दिलीप कुमार सिंह मौसम विज्ञानी ज्योतिष शिरोमणि 

आज जौनपुर और आसपास तथा पूर्वांचल के अधिकांश भागों का तापमान 35 डिग्री सेल्सियस अधिकतम और 25 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम रहेगा ।

आज ‌ सुबह हल्की वर्षा होने की संभावना श है  वायु गुणवत्ता सूचकांक 40 से 60 पराबैंगनी किरणों की तीव्रता 5 से 7 और प्रदूषण की मात्रा बहुत कम रहेगी ‌ हवा की दिशा पूर्वी और गति 15 से 30 किलोमीटर प्रति घंटा होगी 

कल के मौसम के बारे में अनुमान है कि बादल के बाद भी मौसम अधिकतर साफ रहेगा वर्षा की कोई संभावना कल नहीं है ‌ कल का अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस रहेगा। 

वायु गुणवत्ता सूचकांक 60 से 90 के बीच पराबैंगनी किरणों की तीव्रता 6 से 9 के बीच और प्रदूषण की मात्रा कम रहेगी हवा पूर्वी उत्तर पूर्वी बनी रहेगी जिसकी गति तेज रहेगी। सापेक्षिक आर्द्रता 30 से 65% के बीच रहेंगे

 आने वाले एक सप्ताह का मौसम सुहावना और कम गर्मी वाला रहेगा लेकिन उमस बनी रहेगी। आने वाले 7 दिनों में 2दिन ‌वर्षा की संभावना है।

मैंने सैकड़ो लोगों को 28 से 30 अप्रैल के बीच कोई भी मांगलिक कार्यक्रम न करने और कोई भी विवाह समारोह न करने का जो सुझाव किया था उन सभी ने फोन करके मुझे धन्यवाद दिया क्योंकि 28 से 30 का लग्न मुहूर्त खंडित था और जबरदस्ती बनाया गया था 

इस तरह हम हमेशा आपको अपने ज्योतिष मौसम पूर्वानुमान और विज्ञान अनुसंधान केंद्र से खेल राजनीतिक विश्व ब्रह्मांड और समस्त ज्योतिष तथा पंचांग पर्व त्यौहार के बारे में प्रमाणिक सूचना 49 वर्षों की तरह आगे भी देते रहेंगे।
[5/2, 7:39 AM] Dr  Dileep Kumar singh: एक बार फिर आप सभी को बताना चाहता हूं की सुबह वर्षा की भविष्यवाणी सही हुई लेकिन अभी भी वर्षा का खतरा बना हुआ है लेकिन इस बार यह जौनपुर नगर क्षेत्र के उत्तरी उत्तरीपुरा विभाग में शाहगंज मल्हनी खेतासराय गैरवाह अखंड नगर और आसपास के जनपदों में होगी। नगर क्षेत्र में भी बूंदाबांदी हो सकती है वह भी 10:00 बजे के अंदर अंदर आज और कल इसके अलावा मौसम साफ रहेगा और हमारी भविष्यवाणी के अनुसार 1 मई से लेकर ‌ 7 म ई तक मौसम आश्चर्यजनक रूप से बहुत ही सुन्दर ‌ सुहावना 24-26 डिग्री सेल्सियस‌ न्यूनतम तापमान और 34-37 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान के साथ रहेगा।

पिछले 100 वर्ष मई में के प्रथम सप्ताह में इतना सुंदर और सुहावना और प्रदूषण मुक्त तापमान कभी नहीं देखा गया यह एक ऐतिहासिक कीर्तिमान है जिस पर प्रिंट इलेक्ट्रानिक और सोशल मीडिया किसी की दृष्टि नहीं जा रही है।

उत्तर प्रदेश और उत्तरी भारत तथा जौनपुर और आसपास के समस्त जनपदों में 4 में से 7 में के बीच एक बार फिर से वर्षा तेज हवाएं वज्रपात प्रचंड रूप से संभावित है। इन सभी बातों को समय से पूर्व लिखने का एक ही कारण है कि जो सरकारी और निजी मौसम विभाग और मौसम वैज्ञानिक नहीं बताते उसको बता देना मेरा अपना कर्तव्य है 10 में के आसपास मौसम फिर से प्रचंड रूप धारण कर लेगा और फिर इतना अच्छा सुहाना और ठंडा मौसम अब नहीं मिलने वाला है

‌ एक बात और भी आप लोगों को बहुत साफ-साफ अपने केंद्र के माध्यम से बता देना चाहता हूं की मौसम में संघनन और वाष्पन की क्रियाएं प्रचंड है अरब सागर और बंगाल की खाड़ी भूमध्य सागर और हिमालय पर्वत पर तापमान में बहुत अंतर होने से मध्य भारत के गर्म क्षेत्र और दक्षिण भारत के लानिनो प्रभाव के कारण पूरे भारत में जौनपुर उत्तर प्रदेश में कहीं भी कभी भी अचानक ही तेज आंधी तूफान चक्रवात वज्रपात विद्युत की चमक और गरज के साथ वर्ष संभव है इन सब बातों का यात्रा करते समय ध्यान रखें चाहे आप हवा में हो या पानी में हो या सड़क पर हूं इन सब बातों का ध्यान रखने पर आप सुरक्षित रहेंगे अपने केंद्र की भविष्यवाणी एक बार फिर से दोहरा रहा हूं कि एक में से 7 में तक संपूर्ण उत्तर प्रदेश भारत और जौनपुर तथा सभी पड़ोसी जनपदों का मौसम भयानक रूप से परिवर्तनकारी रहेगा -

डॉ दिलीप कुमार सिंह मौसम विज्ञानी ज्योतिष शिरोमणि एवं निदेशक अलका शिप्रा वैष्णवी ज्योतिष शिरोमणि एवं निदेशक जौनपुर 7017713978

वरिष्ठ हॉकी खिलाड़ियों के सम्मान में खेली गई तीन मैचेज की सीरीज का आज हुआ समापन*

*वरिष्ठ हॉकी खिलाड़ियों के सम्मान में खेली गई तीन मैचेज की सीरीज का आज हुआ समापन* 
*बालिकाओं को किट की व्यवस्था कराएंगे सीनियर हॉकी खिलाड़ी*
*एक दिन देश का नाम रोशन करेंगी यह बालिकाएं बोले मुख्य अतिथि सौलत अली खान*
*वरिष्ठ हॉकी खिलाड़ियों के निर्णय स्वागत योग्य मारिया फरहत* 
*वसीम खान और आसिम खान ने बालिकाओं को कैश राशी से पुरुस्कृत किया* 
 
अंडर 14 हॉकीबालिका और वरिष्ठ नामवर हॉकी खिलाड़ियों के मध्य शहीद ए आज़म स्पोर्ट्स स्टेडियम रामपुर में हॉकी को बढ़ावा देने के लिए सीनियर हॉकी खिलाड़ियों और गर्ल्स मैच आयोजित किए गए।
जिसमें बड़ी संख्य में खेल प्रेमियों ने हॉकी मैच का आनंद लेते हुए सीनियर्स और बालिकाओं की सराहना की।
आज तीसरे और अंतिम मैच में वरिष्ठ हॉकी खिलाड़ियों ने सीरीज को तीन दो से जीत कर ट्रॉफी को पर कब्ज़ा किया।
फ़रहत अली खान हॉकी कोच ने कहा ऐसी खेलों की सीरीज से खिलाड़ियों में आपस में पहचान और वरिष्ठ खिलाड़ियों से हॉकी प्रेम के साथ साथ सीखने को मिलता है।
सभी सीनियर खिलाड़ियों ने एक बालिका को स्पॉन्सर्ड करने निर्णय लिया। जो सराहनीय है।
वरिष्ठ हॉकी खिलाड़ी वसीम खान ने एक हजार और आसिम खान ने पांच सौ रुपए केश इनाम से पुरस्कृत किया।
वरिष्ठ हॉकी खिलाड़ियों में उस्मान अली खान जुनेद फ़रीद उर रहमान खान शहज़ाद खान अय्यूब खान वसीम खान पूर्व सभासद शननी खान पूर्व सभासद सलीम मुहम्मद खान चमन खान शानू खान महवत अली खान मुख़्तार खान आसिम खान आई ए खान सौरभ कुमार राजू सैनी अमर सिंह आदि उपस्थि रहे।
बालिका हॉकी टीम में कशिश रविश रोशनी आंचल शीतल गुंजन माही नविता किरन सिमरन मशीयत फातिमा मलली परी निशा खुशी संजीवनी रहीं।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि सोलत अली खान और वशिष्ठ अतिथि जिला उपाध्यक्ष मारिया फरहत भाजपा महिला मोर्चा रामपुर रहीं।
क्रीड़ा अधिकारी संतोष कुमार और पूर्व ओलंपियन श्री आर एस रावत जी का महत्वपूर्ण योगदान रहा।