हमारे देश में हर महीने कोई ना कोई भारत त्यौहार उत्सव पड़ता ही रहता है विशेष कर महिलाओं के लिए हर महीने में व्रत करना ही पड़ता है यह कोई अंधविश्वास नहीं बल्कि पूर्ण वैज्ञानिक व्यवस्था और शरीर शुद्ध साफ करने की सर्वश्रेष्ठ प्रक्रिया है इसलिए कुछ वस्तुओं को बताया जा रहा है जिसको खाकर आप सारे रिकॉर्ड मानसिक रूप से पूर्ण स्वस्थ रहते हुए ईश्वर भक्ति कर सकते हैं
1 - पपीता - व्रत के दौरान इससे पेट साफ होता है , और रोग प्रति रोधक श्रमता बढ़ती है। कच्चा और पक्का दोनों पपीता खाना चाहिए कच्चे पपीते का हलवा प्लेटलेट्स का सबसे अच्छा स्रोत है इसकी सब्जी भी खाना चाहिए पका पपीता तो अमृत है।
2 - मौसमी - व्रत के इस मौसम में संक्रमण रोग हावी रहते है ऐसे में विटामिन - सी से भरपूर मौसमी सक्रमण से बचाती है। यह तुरंत ऊर्जा लेकर शरीर को स्वस्थ रखते हैं और रोग बीमारियों से बचाती है
3 - केला - यह तुरंत ऊर्जा प्रवाह का काम करता है और व्रत की थकान होने से बचाता है। इसमें ग्लूकोज और पचाने योग या सर्वोत्तम चीज होती हैं इसका रस अर्थात जोश भी दूध के साथ बनाकर पिया जाता है लेकिन पेड़ का पाक केला सर्वोत्तम है कच्चा केला सप्ताह में एक बार सब्जी बनाकर अवश्य खाना चाहिए
4 - सिंघाड़ा - इसे खाने से आलस व् अकड़न दूर होती है और हड्डियो को केल्सियम मिलता है। यह शुद्ध चीज है और पाचन तत्व और गुना से भरपूर है इसको कच्चा या पक्का या रोटी की तरह बनाकर खाया जाता है
5 - छाछ और दही- पानी की कमी नही होने देता। तुरंत ऊर्जा देता है सुबह सेवन करना चाहिए शाम को नहीं सेंधा नमक और जीरा डालकर पीना अमृत के समान है रक्त नलिकाओं की सफाई भी करता है
6- आलू - उबला या भुना आलू पोटेशियम का प्रभावी स्त्रोत है शरीर में वसा की मात्रा बढ़ाने या बराबर रखने में मददगार होता है आलू शरीर में एसिडिटी अर्थात अम्लता भी नहीं होने देता है, जो लोग रक्त चाप अर्थात ब्लड प्रेशर या केंसर से ग्रसित है उनके लिए यह फायदे मंद है, आलू में सोडा , पोटाश , और विटामिन ए और डी भी होता है आलू का सबसे पोस्टिक तत्व विटामीन सी होता है।
7- साबु दाना - साबु दाना शरीर में जमा अतिरिक्त पानी को निकलने का काम करता है यह किडनी की सफाई का भी काम करता है। यह आसानी से बच जाता है और हर जगह सुलभ है आसानी से बन भी जाता है इसको उबालकर टिकिया बनाकर तमाम प्रकार से प्रयोग किया जाता है
8 - नारियल पानी - यह शरीर में व्रत के दौरान हुए इलेक्टोलाइट असंतुलन को कम करने का काम करता है। यह ब्रह ऋषि विश्वामित्र का आविष्कार है जिन्होंने गेहूं भैंस और नए स्वर्ग का निर्माण किया था यह हर प्रकार से हर रूप में सर्वश्रेष्ट होता है।
9 - कुट्टू - इसका आटा , हलवा , दलिया , या खीर बनाने मे काम लाया जाता है वह व्रत में भी पाचन तंत्र को दुरुस्त रहता है लेकिन इन्हें पकाने के लिए घी आदि का प्रयोग न करे वर्ना सेहत को नुकसान होगा।
10 - सेंधा नमक - सेंधा नमक वात , कफ , और पित को दूर करता है पाचन में सहायता होता है सेंधा नमक में पोटेशियम और मैग्नीशियम होता है ह्रदय रोग नही होता ही। शुद्ध रूप में इसको ही नमक की जगह खाना चाहिए जब समुद्री नमक नहीं था तब यही खाकर भारत के लोग स्वस्थ रहते थे।
11 - दही - दही में भरपूर मात्रा में केल्शियम और पोटेशियम होता है दही खाने से पाचन ठीक रहता है मन को शांत करता है लेकिन रात को दही ना खाये खाये तो चोक कर खाये। यह शरीर के लिए रामबाण दवा होते हैं
12 - मूँगफली - मूँगफली में आयरन , नियासिन , फोलेट , केल्शियम और जिंक होता है मूँगफली में 426 केलोरिज, 5 ग्राम कार्बो हैड्रेडट होता है, 17 ग्राम प्रोटीन और 35 ग्राम फेट होता है थोड़े से मूँगफली में विटामिन ई , के , भी और बी 6 भी भरपूर मात्रा में होता है त्वचा में चमक आती है मूँगफली खाने से कब्जी की समस्या नहीं होती है। गैस और एसिडिटी की समस्या से भी राहत मिलती है। मूंगफली में आमेगा - 6 वसा भी भरपूर मात्रा में मिलता है।
13 - मखाना - मखाना खाने से तुरंत एनर्जी देता है जल्दी पच जाता है तनाव कम होता है और नींद अच्छी आती है, रात में सोते समय दूध के साथ मखाने खाने ने नींद अच्छी आती है, मखाने को घी में भूनकर चाय के साथ ले सकते है मखाने की खीर भी खाये।
[10/18, 7:48 AM] Dileep Singh Rajput Jounpur: आज परम पवित्र नवरात्रि का आठवां दिन और वरदान देने वाली महागौरी का दिन है अखंड और भयानक तपस्या करने के कारण इनका रंग काला पड़ गया था लेकिन भगवान शिव की कृपा से इन्होंने इतना सुंदर और गोरा शरीर प्राप्त कर लिया कि सारा ब्रह्मांड उनकी चमक से फीका पड़ गया तभी से यह महागौरी कही गई चार भुजाओं वाली यह देवी सुख शांति समृद्धि संतान देकर पिछले पापों का नाश करने वाली हैं एक हाथ में त्रिशूल शिवजी की तरह दूसरे हाथ में डमरू शिवजी की तरह तीसरा हाथ अभय की मुद्रा में और चौथा हाथ सभी कामनाओं को पूरा करने वाला एक प्रकार से भगवान शिव की शक्ति और उनकी प्रतिष्ठा आया है उन्हें की तरह बैल पर सवार हैं है ओम महागौर्ये नमः इनका महामंत्र है और केवल महा अष्टमी का व्रत रख लेने से ही संपूर्ण नवरात्रि का पूरा फल मिल जाता है क्योंकि यह भगवान शिव की परमप्रिय अर्धांगिनी है
परम पावन कल शारदीय नवरात्रि का सप्तम दिन और महाकाल रात्रि देवी का दिन है यह काले नीले वर्ण की अत्यंत भयंकर और उग्र स्वभाव की एक हाथ में विकराल तलवार लेकर दूसरे हाथ में वज्र से शत्रुओं का संहार करती हैं और शत्रुओं का खून खप्पर में पीते हुए चौथा हाथ लोगों को अभयदान की मुद्रा में उठाएं रखती हैं
इनका परिवहन गधा है जब राक्षस शैतान और काली शक्तियों अंधकार से निकलकर प्रकाश सत्य और सच्चाई निगल जाती है तब इनका जन्म देवी पार्वती से होता है वैज्ञानिक रूप से ब्लैक होल अर्थात कृष्ण नक्षत्र का प्रतीक है जो अंधेरा काली ऊर्जा काले द्रव्यमान और काली शक्तियों का रूप होता है जिसको अंग्रेजी में डार्क एनर्जी कहा जाता है जिनको संसार में कोई भी श्वेत विवर के अलावा नियंत्रित नहीं कर सकता है।
इसलिए जब यह समस्त सृष्टि का विनाश करते हुए आगे वही श्वेत नक्षत्र की शक्तियों वाले भगवान शिव को उनके आगे जाकर लेटना पड़ा और जैसे ही इनका पर भगवान शिव के ऊपर पड़ा वैसे ही लज्जा और आश्चर्य से उनकी जीभ निकल आई जो संसार की ब्रह्मांडों के नष्ट होने से निकलने वाली ऊर्जा का प्रतीक है।
अब तक आपने देवी जी के साथ स्वरूपों को जाना पहली शैलपुत्री जो जन्म लेकर एक कन्या बनी फिर ब्रह्मचर्य का पालन करते हुए ब्रह्मचारिणी इसके बाद किशोर अवस्था वाली चंद्रघंटा तत्पश्चात ऊर्जा का साकार रूप कुष्मांडा और फिर माता के रूप में स्कंदमाता फिर वैवाहिक रूप से कात्यानदेश के यहां जन्मे का त्यागी और फिर विनाश लीला करने वाली महाकाली जिन्हें शुभंकरी भी कहती हैं क्योंकि यह सभी सज्जन लोगों और अच्छी शक्तियों का संबल बनाकर सारे दुष्ट शक्तियों का संघार कर देती है जय मां कालरात्रि की
[10/18, 7:48 AM] Dileep Singh Rajput Jounpur: बहुत दूर से चलकर देखो
अविरल दादा बाल गोपाले आए हैं
झोला झप्पड़ लाए हैं अपने साथ-साथ वे दोनों
सारी खुशियां लाए हैं ट्रेन प्लेन से आए हैं उनके घर के दादा-दादी नाना नानी बहुत-बहुत हर्षाए हैं
छोटी और शिवानी देखो दौड़ दौड़ कर आए हैं
होला झप्पड पाए हैं
झोल का सब टाफी बिस्किट और मिठाई खाई हैं
उधर बीटाणु शांत खड़ी है बहुत-बहुत सकुचाई है देवी मां का स्वयं अंश है सबको खुशियां लाई है
नवरात्रि में देवी मां ने सबको ही वरदान दिया है
दीर्घायु सुख शांति समृद्धि का सबको ही खुब दान दिया है
अब सब बच्चे पढ़ने लिखने फिर से वापस जाएंगे
ऊंचा सा पद पाएंगे
देश धर्म परिवार को अपने आगे बहुत बढ़ाएंगे
सीधे-साधे प्यारे बच्चे बार-बार घर आते हैं घर आकर यह प्यारे बच्चे सबको खुश कर जाते हैं माता-पिता को हर्षित करके फिर आगे बढ़ जाते हैं - डॉ दिलीप कुमार सिंह
[10/18, 7:48 AM] Dileep Singh Rajput Jounpur: मौसम की भविष्यवाणी -डॉ दिलीप कुमार सिंह मौसम विज्ञानी ज्योतिष शिरोमणि
आज का अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 23 डिग्री सेल्सियस रहेगा हल्के बादलों के बीच वर्षा की संभावना नहीं है हवा की दिशा उत्तरी पूर्वी और गति 5 से 15 किलोमीटर प्रति घंटा रहेगी वायु गुणवत्ता सूचकांक 150 से 250 के बीच रहेगा और पराबैंगनी किरणों की तीव्रता 4 से 7 के बीच रहेगी जबकि सापेक्षिक आर्द्रता 50 से 90% के बीच रहेगी हवा की दिशा उत्तरी पूर्वी रहेगी
कल के मौसम के बारे में अनुमान है की मौसम धूप युक्त और सुहावना रहेगा अधिकतम तापमान 33 और न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस रहेगा हल्के बादल भी रहेंगे वर्षा की कोई संभावना नहीं है वायु गुणवत्ता सूचकांक 150 से 250 के बीच बना रहेगा जबकि पराबैंगनी किरणों की तीव्रता भी 4 से 7 के बीच रहेगी
सापेक्षिक आर्द्रता 50 से 50% के बीच 150 से 250 के बीच बना रहेगा जबकि पराबैंगनी किरणों की तीव्रता भी 4 से 7 के बीच रहेगी सापेक्षिक आर्द्रता 50 से 50% के बीच रहेगी जबकि वायु की गति 5 से 15 किलोमीटर प्रति घंटा रहेगी इस बीच सूर्योदय सुबह 5:30
पर और सूर्यास्त साइन कल 6:00 बजे होगा
इस प्रकार ईश्वर की कृपा और आप सब की शुभकामनाओं से 50 वर्ष तक हमारा अलका शिप्रा वैष्णवी ज्योतिष मौसम पूर्वानुमान और विज्ञान अनुसंधान केंद्र जौनपुर 7017713978 99 परीक्षित सच्चाई किधर से लाखों लाख भविष्यवाणी करता आ रहा है जो समग्र ब्रह्मांड खेल राजनीतिक अर्थ धर्म दर्शन विज्ञान सब के बारे में है
अभी कल के मैच के ईश्वरी चमत्कार को छोड़कर ना होने की भविष्यवाणी सही हुई खेल राजनीति की सारी बातें सही हुई 2028 तक योगी जी के प्रधानमंत्री बनने की बात की लोग राह देख रहे हैं अगले वर्ष योगी के है जाने की और अरब देशों के भयानक विनाश की भविष्यवाणी भी सही होगी आजादी के बाद लाल बहादुर शास्त्री को छोड़कर सारे प्रधानमंत्री द्वारा मुस्लिम विकास की भविष्यवाणी भी सच हो गई है कल्याण सिंह लाल बहादुर शास्त्री सुभाष चंद्र बोस भाभा और इन जैसे सच्चे लोगों की हत्या करना या डरा धमका कर शांत करना विदेशी इशारों वाली भविष्यवाणी भी बिल्कुल सही हुई है इस तरह आप जुड़े रहें सत्य चीज पढ़ते रहें
[10/18, 7:48 AM] Dileep Singh Rajput Jounpur: आज सुबह 8:57 से महाष्टमी की तिथि प्रारंभ होगी इसलिए आज लोग व्रत रखेंगे कल सुबह 10:51 तक जौनपुर और आसपास के क्षेत्र के लिए अष्टमी की तिथि है और इसी के अंदर इनका पूजा पाठ कन्या भोजन सब समाप्त हो जाएगा आज ही नवमी का व्रत भी रखा जाएगा और कल 11:00 बजे नवमी का पूजा पाठ होगा जो लोग 9 दिन व्रत रह रहे हैं उनके लिए पारण दशहरा का दिन 20 अक्टूबर को सूर्योदय के बाद मंगलवार के दिन किया जाएगा आप लोग किसी प्रपंच में और किंतु परंतु में ना पड़े यही ज्योतिष पंचांग का सत्य है और सबसे बड़ा सत्य यही है कि शुद्ध मन से आप कोई भी पूजा पाठ व्रत करेंगे तो उसका पूरा फल आपको मिलेगा बा शर्तें की आप धीरे-धीरे अपने पाप और बुरे कर्म छोड़ने जाएं कुछ लोग अनर्गल उदय तिथि का चक्कर देकर कल अर्थात 19 को जन्माष्टमी का व्रत बना रहे हैं उनको पूछो कि क्या वे दसवीं में उदया तिथि के अनुसार नवमी का पूजा पाठ करेंगे और एकादशी के दिन व्रत का पारण करेंगे अपने लाभ के लिए अंधविश्वास को बढ़ाने के कारण और खुद कुकर्मी होकर भी दूसरों को सदाचार की शिक्षा देने के कारण ही अपना देश बर्बाद हो रहा है।
यह वही लोग हैं जो खुद को पुजारी संत महात्मा कथा वाचक और धर्मगुरु कहते हैं जमकर मांस मदिरा का सेवन करके महिलाओं के साथ पकड़े जाते हैं विदेशी ढंग के शौचालय और विदेशी ढंग के महलों में रहकर हवाई जहाज से यात्रा करके भौतिक सुख सुविधाओं का पूरा उपभोग करते हुए जनता को मूर्ख बनाकर सादा जीवन उच्च विचार का उपदेश देते हैं उनके घर के लड़के पूरी तरह अंग्रेज और अंग्रेजी सभ्यता में पारंगत हैं और हेलो हाय डैडी मम्मी पापा कहते हुए विदेश में शिक्षा ग्रहण करते हैं और लगभग सभी कुकर्म और दुराचार तथा गबन और घपला घोटाला करते हुए पकड़े जाते हैं यह जनता के बीच में ना जाकर अनुकूलित शानदार कमरों में जीवन बिता कर देश को नष्ट और बर्बाद कर रहे हैं इनके चक्कर में गूगल इंटरनेट और याहू के चक्कर में ना पड़ो अपने मूल पुस्तकों को पढ़ो उसमें सारी चीज बिल्कुल साफ-साफ लिखो हैं।
इसीलिए एक कसाई ब्रह्म ऋषि से श्रेष्ठ है एक पतिव्रता स्त्री के आगे सबसे बड़ा तपस्वी हार जाता है और अनसूया जैसी नारी के आगे ब्रह्मा विष्णु शिव जी बच्चे बन जाते हैं सच्चे पथ का अनुगमन करो उसी में सुख शांति और आनंद है। अपने माता-पिता की सेवा करो पति अपने पत्नी का पत्नी अपने पति का ध्यान भरें यही सबसे बड़ी और एकमात्र पूजा है नया सामान ना खरीद हो लेकिन वह आज भी दरिद्र का दरिद्र ही है
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जितने भी साधु संत संत महात्मा मठाधीश धर्म गुरु हैं वह सभी सरकार प्रायोजित हैं सरकार उसका तंत्र अधिकारी और विपक्षी नेता मिलकर कभी बागेश्वर बाबा कभी आसाराम कभी राम रहीम कभी मुरारी बापू कभी रामदेव जैसे दुराचारी लोगों को आगे करके प्रिंट इलेक्ट्रानिक मीडिया में विश्व विख्यात कर देंगे और उनके आगे सर झुका कर प्रणाम करेंगे और बाद में उन्हें जेल में डाल देंगे रातों-रात सरकार और उसका तंत्र जिसे चाहता है उसे आगे बढ़ा देता है बाकी लोगों के पास कोई सिद्धि गुण सदाचार जैसी कोई चीज नहीं होती है और सरकार और विपक्षी दल उनके माध्यम से सारी सुख सुविधा लेकर काला धन सफेद करती है यह रहस्य आपको समझ में नहीं आएगा।।
तभी तो धर्म स्थान में भी विशिष्ट और अति विशिष्ट का चक्कर लगाकर जनता को 5 से 10 घंटे भीड़ में खड़ा करके इन कुकर्मी दुराचारी बलात्कारी महाभ्रष्ट लंपट राजनेताओं अधिकारियों सांसदों विधायकों मंत्रियों को सीधे दर्शन दिया जाता है क्या ईश्वर के घर में भी ऐसा भेदभाव हो सकता है इसीलिए सभी राजनेता पुजारी पांडे भयंकर रोग बीमारियों से ग्रस्त होकर कुत्ते और सूअर की मौत मरते हैं - डॉ दिलीप कुमार सिंह मौसम विज्ञानी ज्योतिष शिरोमणि
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