यूरोप में बसे हुए मुसलमानों ने फ्रांस सहित दर्जनों देशों पर भीषण आक्रमण किया वाहन जला दिए दुकान लूट लिया भयंकर मारकाट किया घरों में घुसकर महिलाएं औरतें उठा लेंगे और सड़कों पर खुलेआम बलात्कार किया जिस तरह इजराइल के साथ किया था
कोहराम मचा दिया कई पुलिस वाले मारे गए और हजारों घायल हुए यूरोप ने विशेष कर फ्रांस ने वही पागलपन किया जो पृथ्वीराज चौहान ने किया था 16 बार गोरी को हराया और छोड़ दिया 17 वीं में गोरी ने उसको धोखे से हराकर आंखें निकाल लिया यूरोप के लोग खुद को बड़ा समझदार और सभ्य समझ कर दुनिया को रास्ता दिखाते हैं हालात यह हो गई है कि अब उनका बचना मुश्किल हो गया है
भारत तो गांधी नेहरू कांग्रेस और विदेशी विशेष कर अमेरिका यूरोप के चलते खंड-खंड हो गया और बचा भारत भी मुसलमान जल्दी ही खत्म कर देंगे लेकिन यह यूरोप अमेरिका भी जल्दी समाप्त हो जाएंगे।
तब धरती पर चारों ओर शैतानों का अट्टहास गूंजेगा और पूरी धरती दुर्गंध पाप अंधकार सत्य और हिंसा से भर जाएगी
इस समय यूरोप में कानून व्यवस्था का नामोनिशान नहीं है भीख मांग कर पैर पड़कर बसे हुए मुसलमानों ने पूरे यूरोप की धरती को कुचल डाला है और पृथ्वीराज जैसा मूर्ख फ्रांस का राष्ट्रपति इमानुएल मैक्रा कानून की दुहाई दे रहा है इसको यह पता ही नहीं की देवताओं के लिए कानून की आवश्यकता ही नहीं होती और शैतान राक्षस कानून को मानते ही नहीं है जैसी करनी वैसा फल भोगो आज नहीं तो कल
सात खंड हो चुके भारत को यदि बचाना है तो इस घटना से सभी गैर मुसलमान को एक होना होगा और दुनिया को भी बचाना है तो उसे इसराइल श्रीलंका म्यांमार अमेरिका और इजरायल जैसा बनना होगा गलती मुसलमान की नहीं बल्कि क्रिश्चियन और सनातनी हिंदू की है जो सांप को पालकर उस जहर के बजाय अमृत की आशा करते हैं
** किंचित बबुर फरै जो बेल
बालू पेरे निकरै तेल
ओरी के पानी बडेरी पे जाय
शेर बाघ हरियाली खाय
नदियां उल्टी धार बहाल
हिजड़न के लडिका होइ जाय
नाग के विष अमृत होइ जाय
सूरज मे बर्फ जमि जाय
कुक्कुर पानी पियै शुरुक्का
तबौ? न मानो तुरुक तुरुक्का
- डॉ दिलीप कुमार सिंह
[10/19, 7:16 AM] Dileep Singh Rajput Jounpur: मुसलमानों को खत्म करने कि बात करने वाले फ्रांस के हुक्मरानों ने फ्रांस कि क्या हालत कर दी आइये पढ़िए।
लाज़िम है कि हम भी देखेंगे.....
फ्रांस आज जल रहा है और भीषण दंगा और आगजनी की चपेट में है.... वहां की जनता ने ऐतिहासिक टाउन हॉल में आग लगा दी है जो जलकर ख़ाक हो गया।
यह टाउनहॉल जिस लिमोज शहर में था उसका मेयर Émile Roger Lombertie "छोटा फैंटा" है जो कहता था कि “मुस्लिम विचारधारा” हिंसा का कारण है, मुसलमानों का व्यवहार “जानवरों जैसे” हैं।
आज वही लिमोज शहर जल रहा है और वहां के बहुसंख्य ही उसे जला रहे हैं, आज उन्हें इस्लामफोबिया से कोई मतलब नहीं।
फ्रांस पश्चिमी देशों में इस्लामफोबिया का गढ़ था जहां इस्लामिक व्यवस्था और संस्कृति पर हर दिन सरकार कोई ना कोई रोक लगाती थी।
कभी हिजाब पर , कभी मस्जिदों पर, कभी नमाज़ पर कभी अज़ान पर और कभी मुस्लिम पहचान पर, यहां तक कि वहीं की एक अश्लील पत्रिका "शार्ली आब्दो" स्वतंत्रता के नाम पर हमारे नबी हज़रत मुहम्मद ﷺ के सांकेतिक अश्लील चित्र अपने फ्रंट पेज पर छापा करती थी।
फ्रांस के 2025 के IFOP सर्वे में पिछले पांच सालों में 66% फ्रांसीसी मुसलमानों ने नस्लीय व्यवहार और धार्मिक भेदभाव का अनुभव किया।
इनमें सबसे आम जगहें थीं नौकरी खोजते समय 51% , घर खोजते समय 46%, पुलिस चेक के दौरान 51%, इसके अतिरिक्त फ्रांस के 82% मुसलमानों का मानना है कि मुस्लिम-विरोधी घृणा फ्रांस में फैली हुई है, और 81% कहते हैं कि यह पिछले १० सालों में बढ़ी है और यहां तक कि हिजाब पहनने वाली महिलाओं में डर और भेदभाव का अनुभव सबसे ज्यादा है।
आज इस सबके बावजूद फ्रांस जल रहा है , क्योंकि वहां की सरकारें फ्रांस में इस्लामफोबिया बढ़ाने में लगी रहीं और देश में सामान्य सिस्टम बिगड़ गया।
फ़्रांस में स्कूलों की बदहाली और जीवन-यापन की बढ़ती लागत के ख़िलाफ़ लगातार प्रदर्शन हो रहे हैं और देशभर में हिंसा भड़क उठी है। सरकार के मुताबिक़, क़रीब 5.5 लाख लोगों के सड़कों पर उतर चुके हैं ।
राजधानी पेरिस और दूसरे इलाक़ों में इमारतों में आग लगा दी गई. कई शहरों में लूटपाट शुरू हो गई..... ऐतिहासिक टाउनहॉल जला दिया गया है...
लाज़िम है कि हम भी देखेंगे.......
[10/19, 7:17 AM] Dileep Singh Rajput Jounpur: भारत में बसे तुरुक मुस्लिम का लेख पढ़ो जो फ्रांस की लूटपाट बलात्कार हिंसा मारकाट कत्ले आम आगजनी के लिए मुसलमानों नव को सही और फ्रांस को ही गलत बता रहा है जिसने मुसलमानो को ही शरण दिया था इसी से समझ लो कि अपने बगल नाग और करैत तथा वाईपर और टाइपिंग सांप को रखकर सो सकते हो लेकिन बगल पड़ोस में स्थित मुस्लिम के रहते आप कभी भी चैन सुख से नहीं सो सकते हो कब उठकर अल्लाह हू अकबर करते हुए सारे परिवार को हलाल कर देगा कोई सीमा नहीं है यह तो अपने ही मां-बाप भाई-बहन को हलाल करके अपनी ही बेटी बहन महिलाओं को जिबह कर देते हैं
न्यूज़ no 2
[10/18, 5:35 PM] Dr Dileep Kumar singh: यदि अब भी किसी के मन में अष्टमी और नवमी को लेकर कोई शंका संदेह रह गया है तो फिर से बता दे रहा हूं कि कल महाष्टमी का पूजन हवन सूर्योदय से लेकर 10:51 तक है
। जबकि महानवमी का हवन पूजन 10:51 से 12:58 तक है यदि कोई इस समय तक हवन पूजन किसी वजह से ना कर सके तो उसके लिए शाम को 5:48 तक हवन पूजन का समय रहेगा
[10/18, 5:44 PM] Dr Dileep Kumar singh: सामान्य जनता को इस पर बहुत कुछ सोचने समझने की आवश्यकता नहीं है इसलिए आराम से 19 को नवमी का हवन पूजन सायंकर 5:45 तक करें 20 को 5:12 के बाद व्रत का पारण करें जटिल नियम कानून पूजा करने वाले लोगों को ज्योतिषी लोगों को कर्मकांडी लोगों को पुरोहित लोगों को और साधु संत सन्यासी लोगों को लागू होता है यदि कोई यह कहना चाहता है कि 20 तारीख को उदया तिथि के अनुसार नवमी का हवन पूजन किया जाएगा तो 20 अक्टूबर को ही 12:50 के बाद पारण करना संभव नहीं होगा उससे अधिक वैज्ञानिक है कि 19 को ही महाष्टमी और महानवमी दोनों का पूजा पाठ हवन संपन्न कर लिया जाए और 20 तारीख को 12:50 दोपहर के बाद पारण कर लिया जाए ऐसा अनेक बार हुआ है जबकि महा अष्टमी और महानवमी का पूजा पाठ और हवन एक ही तिथि में हुआ है लेकिन उसी दिन हवन पूजन और पारण करना उचित नहीं होता और यदि किसी को पारण करते हैं तो फिर वह पारण एकादशी में चला जाएगा यह कर्मकांड खगोल भौतिकी के नियम के अनुसार चलता है और ऐसा इसीलिए है क्योंकि पृथ्वी ना तो 360 दिन में और मैं 365 दिन में और न मुसलमान के अनुसार 352 दिन में सूर्य की एक परिक्रमा करती है इसी को सुधारने के लिए व्रत त्यौहार पंचांग बनाए गए हैं क्योंकि पृथ्वी की संपूर्ण परिक्रमा का सही समय 365 दिन 5 घंटे 51 मिनट 45 सेकंड का होता है इसी से अंग्रेजी महीना में लीप ईयर बनता है और सनातनी हिंदू महीने में अधिक मास और मलमास होते हैं
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