आज का भारत जो इंडिया बन चुका है ऐसे नहीं बना है इसमें ईसाई और मुस्लिम धर्म वालों ने दो तरफ आक्रमण किया उन्होंने फिल्म साहित्य धारावाहिक पत्र पत्रिकाएं मीडिया बीते हुए सनातनी बुद्धिजीवी लोगों को वामपंथी और कांग्रेस को और ऐसे नेताओं को जो केवल कहने को हिंदू थे लेकिन मन वचन कर्म से काले अंग्रेज या फिर मुस्लिम थे या वर्ण शंकर दोगले और मुस्लिम ईसाई वीर्य की औलाद थे इन सबको माध्यम बनाया और अपवाद स्वरूप छोड़कर उपर्युक्त चीजों के द्वारा भारत के सनातनी हिंदुओं को निम्नलिखित चीजेः सिखाया सनातनी धर्म अंधविश्वास है कल्पना है वैज्ञानिक नहीं है और धर्मगंथों में लिखी हुई बातें स्त्रियों और निम्न वर्ग के विरुद्ध हैं इसका परिणाम हुआ कि लोग गृत्समद सूची वाल्मीकि शबरी मातंग दादू रविदास कागभूसुंडी गरुड़ जैसे लोगों को भूल गए।
1000 वर्ष तक लगातार इन लोगों ने फिल्म सिनेमा रेडियो धारावाहिक साहित्य नौटंकी नाच गाने के द्वारा कुरान बाइबल का प्रचार करते हुए सनातनी वेद पुराण रामायण महाभारत उपनिषद जैन बौद्ध और सिख धर्म की सर्वश्रेष्ठ बातों को सबसे खराब बताते हुए विशेष कर फिल्म साहित्य रेडियो और अब इंटरनेट तथा मोबाइल के माध्यम से सिखाया की सनातन धर्म में जाति-पाठ उच्च में छुआछूत का भेद है।
हर जातियों के और धर्म के कुछ लोगों को खरीद लिया और उनकी सहायता से कहीं चांद मियां को साइ बाबा बना दिया कहीं ईसा मसीह को कृष्ण और राम के रूप में मंदिर में बैठ कर दिखाया जाने लगा कि हम लोगों ने पहाड़ के टुकड़े करना चांद को फाड़ देना सूर्य का कीचड़ में डूबना पृथ्वी का चिट्ठी होना और कालीन पर बिना ऑक्सीजन के आसमान में उड़ना जैसी चीज स्वीकार कर लिया और ग्रहण नक्षत्र ग्रहण सूर्य चांद तारे अनंत ब्रह्मांड ब्लैक होल व्हाइट होल दिव्यास्त्र आकाशवाणी महाकाली महाशिव जैसी वैज्ञानिक बातों को भूल गए या उस पर प्रश्न करने लगे जानू को बहुत पहले ही हमारे ऋषि मुनियों वैज्ञानिकों ब्रह्म ऋषियों ने खोज लिया था भास्कर आर्यभट्ट और कारण श्रीधर पंडित ने हजारों हजार साल पहले गुरुत्वाकर्षण शून्य और दशमलव अंग गणित बीजगणित ज्योतिष विज्ञान धाम दर्शन की हर चीज खोज लिया था जिसकी नकल करके अब के बराबर खानाबदोश नर पिशाच और यूरोप के चरवाहे और नाविक भी बड़े-बड़े वैज्ञानिक बन गए।
इनलोगों के द्वारा सिखाया की माता-पिता की सेवा मत करो चोरी बेईमानी करो कामवासना के नए-नए तरीके अपने देवी देवताओं की हंसी उड़ाना धर्म के विरुद्ध चलना सीखते हुए बताएं कि कैसे हम नर पिशाच होकर देवदूत बनने में संतुष्टीकरण अनुभव करते हैं अपनी सभ्यता संस्कृति भाषा भूलकर हम सभी लोग शिक्षा और पहनाओगे ऐसा रहन-सहन और वेशभूषा भाषा में अंग्रेज बन गए और कौन-कौन में पूरी तरह मुस्लिम बन गए।
हम घर के बने हुए अनंत प्रकार के भजन पकवान स्वास्थ्य वर्धक चीजे छोड़कर मुस्लिम और क्रिश्चियन धर्म के द्वारा बनाया गया कूडा कचरा बिस्किट मार रोटी मैगी पिज्जा चाऊमीन बर्गर सदी गली ब्रेड और नकली बटर रिफाइंड तेल जैसी चीज खाकर शारीरिक मानसिक और आर्थिक रूप से रोगी और कंगाल बन गए और ऐसे रोगों से गिर गए जिनके बारे में कभी सुना नहीं जाता था सुबह ब्रह्मचर्य की जरूरत 8 से 10:00 बजे उठने लगे रात में देर तक जागने लगे और इस प्रकार के बाद भी ईरान से इंडोनेशिया और कजाकिस्तान तिब्बत से श्रीलंका का 7/8 भारत हो बैठे केवल एक बटे आठ भारत बचा हुआ है - डॉ दिलीप कुमार सिंह मौसम विज्ञानी ज्योतिष शिरोमणि एवं निदेशक अलका शिप्रा वैष्णवी ज्योतिष मौसम पूर्वानुमान और विज्ञान अनुसंधान केंद्र जौनपुर 7017713978 15
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